12वीं के बाद पायलट कैसे बनें? How to Become a Pilot After 12th?

यदि कोई छात्र एक चुनौतीपूर्ण कार्य को अपना कॅरियर बनाना चाहता हो तो उसके लिए पायलट का जॉब एक अच्छा विकल्प हो सकता है। एक पायलट बनने के लिए बहुत हिम्मत के साथ बुद्धिमतता की भी आवश्यकता होती है। यह क्षेत्र ज्यादा पैसो के साथ भरपूर रोमांच भी देता है। एक पायलट एवं उसकी टीम को कुछ ही घंटो में एक शहर से दूसरे शहर जाकर नए लोग, संस्कृति एवं एयरपोर्ट्स को जानने का अवसर मिलता है। आजकल बहुत से युवा घूमने का शौक तो रखते है। चूँकि यह क्षेत्र छात्रों में अधिक प्रचलित नहीं हो पाया है अतः ज्यादातर अभिभावक एवं छात्र यह नहीं जानते है कि 12वीं के बाद पायलट कैसे बनें?

How to Become a Pilot After 12th

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12वीं के बाद पायलट कैसे बनें?

कई छात्र ऐसे भी होते है जो पढ़ाई में अच्छा करने के बाद कोई भी कोर्स चुन लेते है। आमतौर पर सभी बड़े लोग एक छात्र को मेडिकल अथवा इंजीनियरिंग करने की ही सलाह देते है। अभी कुछ बच्चों को पायलट क्या होते है यह तो पता है, परन्तु वे नहीं जानते एक पायलट बनाने के लिए किन विषयों को पढ़ना है और पुरे पाठ्यक्रम का खर्च कितना होगा। उड़ान क्षेत्र के बारे में हम सभी को यह जान लेना चाहिए कि पिछले कुछ वर्षों में देश के नागरिकों में विभिन्न टूरिस्ट स्पॉट्स, तीर्थ स्थान एवं प्रदेशों पर जाकर घूमने की प्रवृति कुछ ज्यादा ही बढ़ चुकी है। यही वजह है कि इस क्षेत्र में विभिन्न पोस्टों की संख्या बढ़ चुकी है। इस लेख को पढ़ने के बाद आप 12वीं के बाद पायलट कैसे बनें? प्रश्न के सभी उत्तर पा सकेंगे।

यह भी देखें :- National Scholarship Portal

लेख का विषय12वी के बाद पायलट बनना
लाभार्थीविद्यार्थी वर्ग एवं अन्य नागरिक
योग्यताइंटरमीडिएट पीसीएम एवं कॉमर्स
पायलट का वेतन2 से 5 लाख तक
कोर्स की फीस15 से 20 लाख
आधिकारिक वेबसाइटhttp://www.dgca.gov.in

12वी के बाद पायलट कोर्स के विकल्प

  • वायु सेना पायलट (Air Force Pilot)
  • कमर्शियल पायलट

स्कूली छात्र के लिए तैयारी

  • सबसे पहले अच्छे अंकों से दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करें।
  • 11वी कक्षा में विज्ञान वर्ग (PCM) का चयन करें।
  • बाहरवीं कक्षा में विज्ञान, गणित एवं इंग्लिश विषयों को ध्यान से पढ़ें।
  • बाहरवीं की परीक्षा में अच्छे अंक (50% से अधिक) प्राप्त करें।
  • अपनी इंग्लिश के पढ़ने, बोलने एवं लिखने के ज्ञान को बढ़ाएं।

पायलट बनाने के लिए योग्यताएँ

  • आवेदक भारत का नागरिक हो।
  • हाई स्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की हो।
  • बारहवीं की परीक्षा फिजिक्स, केमिस्ट्री एवं गणित विषयों के साथ 50% अंकों में उत्तीर्ण की हो।
  • कुछ फ्लाइंग क्लब कॉमर्स वर्ग के छात्रों को भी प्रवेश देते है।
  • आवेदक को इंग्लिश बोलने एवं पढ़ने का अच्छा ज्ञान हो।
  • छात्र की ऊँचाई कम से कम 5 फ़ीट हो।
  • किसी भी प्रकार की शारीरिक बीमारी नहीं हो।
  • आपकी आँखों का विजन एकदम सही हो।

पायलट कोर्स का समय एवं फीस

एक छात्र को पायलट कोर्स को पूर्ण करने के लिए Directorate General of Civil (DGCA) एवं भारत सरकार से मान्यता प्राप्त फ्लाइंग क्लब में ही प्रवेश है। साथ ही उमीदवार को “स्टूडेंट पायलट लाइसेंस” के लिए आवेदन करने के बाद पायलट की प्रवेश परीक्षा (एंट्रेंस टेस्ट) उत्तीर्ण करनी होती है। चयन परीक्षा में सफल उमीदवार अपनी पायलट ट्रेनिंग पूर्ण करते है जिसके लिए उनकों लगभग 2 से 3 वर्ष का समय लगता है। यदि आप किसी कम खर्चीले संस्थान को कोर्स के लिए चुनेगे तो आपको पुरे कोर्स के लिए 15 से 20 लाख फीस देनी होगी।

पायलट कोर्स की आवेदन प्रक्रिया

विभिन्न अकादमियों, फ्लाइंग क्लब्स की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन की प्रक्रिया को पूर्ण करके एंट्रेंस टेस्ट में भाग ले सकते है। यदि संस्थान चाहे तो आप व्यक्तिगत रूप से अथवा पोस्ट के द्वारा आवेदन करवा सकता है। अधिक जानकारी के लिए अकादमी की वेबसाइट और फ़ोन संपर्क का प्रयोग करें।

पायलट लाइसेंस के प्रकार

एक पायलट के रूप में कार्य करने के लिए पायलट लाइसेंस की आवश्यकता होती है। इन लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए प्रशिक्षण पूर्ण करना होता है। एक प्रशिक्षक छात्र को सबसे पहले स्टूडेंट पायलट लाइसेंस SPL मिलता है। प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद PPL एवं सबसे अंत में CPL मिलता है।

  • स्टूडेंट पायलट लाइसेंस (SPL)
  • प्राइवेट पायलट लाइसेन्स (PPL)
  • कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL)

कमर्शियल पायलट के लिए परीक्षाएँ

एक उमीदवार को अपना पायलट कोर्स शुरू करने से पहले और अंत तक विभिन्न महत्वपूर्ण परीक्षाओं को उत्तीर्ण करना होता है। इन परीक्षाओं का विवरण निम्न प्रकार से है –

  • एंट्रेंस टेस्ट – अपने पहले लिखित एग्जाम में उमीदवार को गणित, फिज़िक्स, केमिस्ट्री एवं अंग्रेजी विषयों से सम्बंधित प्रश्नो के उत्तर देने होते है। इन प्रश्नो का स्तर बाहरवीं कक्षा का ही रखा जाता है। अपने बारहवीं पाठ्यक्रम पर अच्छी पकड़ रखने वाले छात्र आसानी से परीक्षा में रैंक प्राप्त करते है।
  • व्यक्तिगत साक्षात्कार – सभी लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों को कोर्स के लिए मनोविज्ञानी एवं व्यक्तिगत योग्यता का परीक्षण करवाने के लिए एक इंटरव्यू देना होता है।
  • DGCA मेडिकल टेस्ट – एक पायलट के रूप में कार्य करने के लिए व्यक्ति में बौद्धिक योग्यता होना ही पर्याप्त नहीं है। इसके साथ व्यक्ति में कोई शारीरिक रोग नहीं होना चाहिए। खासकर उमीदवार में रंग-भेद का भी दोष नहीं होना चाहिए। अतः DGCA, भारत सरकार के चिकित्सा मापदंड के अनुसार टेस्ट करवाया जाता है।
  • पायलट एप्टीट्यूड टेस्ट – यह टेस्ट पायलट के पाठ्यक्रम से सम्बंधित होता है जिसके अंतर्गत एयर रेगुलेशन/ नेविगेशन, एविएशन मौसम विज्ञान, विमान एवं उसके इंजन के प्रश्न पूछे जाते है।

भारतीय वायु सेना में पायलट बनने की जानकारी

जिन छात्रों को ऐसा लगता है कि उनकी आर्थिक स्थिति एक महँगे पायलट कोर्स करने की नहीं है, वे आईएएफ में सरकारी खर्चे पर पायलट प्रशिक्षण ले सकते है। भारतीय वायु सेना (IAF) में कार्यरत पायलटों को एक सरकारी नौकरी की सुविधा के साथ देश के सैनिक का सम्मान भी प्राप्त होता है। हम सभी देखते है कि किसी भी प्रकार की विपत्ति आने पर आईएएफ के जहाज तुरंत सैनिक एवं रसद मौके पर पहुँचा देते है। वायु सेना की फ्लाइंग ब्राँच के अंतर्गत पायलटों का चयन होता है।

12वी के बाद भारतीय वायु सेना में प्रवेश – सबसे पहले अपनी बारहवीं कक्षा को फिज़िक्स, केमिस्ट्री एवं गणित के साथ अच्छे अंकों में उत्तीर्ण करें। साथ ही एंट्रेंस टेस्ट के लिए इन तीनों विषयों के साथ अंग्रेजी विषय की अच्छी जानकारी प्राप्त करे लें। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) भारतीय वायु सेना की फ्लाइंग ब्रांच के अंतर्गत NDA परीक्षा के माध्यम से एंट्रेंस टेस्ट आयोजित करती है। एनडीए एंट्रेंस टेस्ट में रैंक प्राप्त करने वाले आवेदकों को चिकित्सीय जाँच एवं व्यक्तिगत साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है।

अंतिम चयन तक छात्र की आयु 16.5 से 19 वर्ष के मध्य ही होनी चाहिए और वह (पुरुष एवं महिला) अविवाहित हो। चयनित उमीदवार को तीन वर्षो तक एनडीए, खडकवासला में कैडेट के रूप में प्रशिक्षण लेते है और इसके बाद उन्हें वायु सेना प्रतिष्ठान में उड़ान प्रशिक्षण पूर्ण करना होता है। पुरे प्रशिक्षण कोर्स का सभी खर्च सरकार वहन करती है। अंतिम रूप में एक कैडेट IAF बेस स्टेशन पर एक “स्थाई कमिशन अधिकारी” के रूप में नियुक्ति मिलती है।How to Become a Pilot After 12th - nda pilot

एनडीए में आवेदन के लिए प्रमाण पत्र

  • आवेदक के हस्ताक्षर एवं फोटो की साफ स्कैन छवि।
  • एक पहचान पत्र का पीडीएफ प्रारूप (आधार कार्ड,/ मतदाता-पत्र/ पैनकार्ड/ पासपोर्ट/ ड्राइविंग लाइसेंस/ विद्यालय फोटो आईडी/ केंद्र सरकार का अन्य फोटो आईडी)।
  • ऑनलाइन फीस देने के लिए बैंक खाते का विवरण।
  • कक्षा 10 एवं 12 की अंक तालिका।

ऑनलाइन एनडीए आवेदन करने की प्रक्रिया

  • सबसे पहले आवेदक यूपीएससी को आधिकारिक वेबसाइट http://upsconline.nic.in को ओपन करें।
  • वेबसाइट के होम पेज पर “ऑनलाइन आवदेन करें” विकल्प को चुन लें। How to Become a Pilot After 12th - choosing air force nda exam form - फॉर्म में वायु सेना का विकल्प चुनना
  • आवेदन को सही प्रकार से पढ़ें और “अपनी शाखा” का चुनाव करें।How to Become a Pilot After 12th - nda form photo and signature upload
  • अपनी ईमेल आईडी एवं फ़ोन नंबर डालकर विवरण सत्यापित करें।
  • फॉर्म में नाम, माता-पिता का नाम, पता, शैक्षिक योग्यता, आदि सही प्रकार से दें।How to Become a Pilot After 12th - nda exam form
  • एंट्रेंस टेस्ट के लिए आवेदन शुल्क (100 रुपए) का भुगतान करें।
  • अपने लिए एक परीक्षा केंद्र (शहर) का चुनाव करें।
  • अपने हस्ताक्षर, फोटोज एवं पहचान पत्र को अपलोड कर दें।How to Become a Pilot After 12th - uploading photos nda exam form
  • अंत में शर्तों को सहमत करके फॉर्म को “सब्मिट” कर दें।
  • भविष्य के लिए आवेदन प्रपत्र की एक प्रति डाउनलोड करके रखें।How to Become a Pilot After 12th - printing form of nda pilot

भारत की प्रमुख उड्डयन अकादमी

क्रमांकसंस्थान का नामशहर
1इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी (आइजीआरयूए)अमेठी
2भारतीय उड्डयन अकादमीदिल्ली
3राष्ट्रीय उड़ान प्रशिक्षण संस्थान (एनएफटीआई)गोंडिआ
4एडवेंचर फ्लाइट एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड, बैंगलोरबैंगलोर
5अहमदाबाद एविएशन एंड एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एएए)अहमदाबाद
6गवर्नमेंट फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूलबैंगलोर
7ओएफएए – ओरिएंट फ्लाइट्स एविएशन अकादमीमैसूर, कर्नाटक
8बॉम्बे फ्लाइंग क्लबमुंबई

12वीं के बाद पायलट बनाने सम्बंधित प्रश्न

बारहवीं कक्षा में फिज़िक्स, केमिस्ट्री एवं बायोलॉजी विषय लेने के बाद पायलट कैसे बने?

इस प्रकार की स्थिति में छात्र NIOS या अन्य बोर्ड से गणित विषय को चुनकर 12वी की परीक्षा अच्छे अंकों से उत्तीर्ण कर लें। इसके बाद आप पायलट का कोर्स ज्वाइन कर सकने के योग्य हो जाएंगे।

भारतीय सेना में पायलट कैसे बनते है?

भारतीय वायु सेना में पायलट बनने बारहवीं के बाद NDA परीक्षा, साक्षात्कार एवं मेडिकल उत्तीर्ण करके पायलट कोर्स शुरू कर सकते है।

एक कमर्शियल पायलट बनने में कितना खर्चा होता है?

किसी भी फ्लाइंग ट्रेनिंग एकेडमी से पायलट का कोर्स पूर्ण करने में कम से कम 30 से 35 लाख रुपए का खर्चा आ जाता है।

एक पायलट को किन परीक्षाओं को उत्तीर्ण करना होता है?

एक उमीदवार को बारहवीं की परीक्षा को उत्तीर्ण करने के बाद अकादमी में एंट्रेंस टेस्ट, मेडिकल टेस्ट एवं पर्सनल इंटरव्यू को उत्तीर्ण करना होता है।

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