गेहूं खरीद हेतु किसान पंजीकरण उत्तरप्रदेश 2021: eproc.up.gov.in, ई-क्रय प्रणाली

गेहूं खरीद हेतु किसान पंजीकरण उत्तरप्रदेश– यूपी राज्य सरकार के द्वारा किसान नागरिकों को गेहूं की खरीद के लिए ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा उपलब्ध की गयी है। इस पोर्टल के माध्यम से राज्य में मौजूद सभी किसान वर्ग के नागरिक अपनी फसल के विक्रय हेतु पोर्टल में पंजीकरण की प्रक्रिया को पूरा कर न्यूनतम समर्थन मूल्य में अपनी रबी फसल को बेच सकते है। आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से उत्तरप्रदेश गेहूं खरीद ऑनलाइन किसान पंजीकरण 2021 से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी साझा कर रहें है। अतः eproc.up.gov.in, ई-क्रय प्रणाली से संबंधित सभी जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारे इस लेख को अंत तक पढ़े।

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गेहूं खरीद ऑनलाइन किसान पंजीकरण 2021

eproc.up.gov.in, ई-क्रय प्रणाली– उत्तर प्रदेश खाद्य एवं रसद विभाग की मदद से राज्य में खाद्य एवं रसद विभाग उत्तर प्रदेश ई-क्रय प्रणाली पोर्टल को लॉन्च किया गया है। अब इस पोर्टल की मदद से सभी राज्य के किसान अपनी रबी के फसलों को आसानी से सरकारी एजेंसियों तक बेच सकते है। कोरोना वायरस के संकम्रण को देखते हुए प्रदेश सरकार ने किसानों के हित के लिए यह पोर्टल लॉन्च किया है। जिसकी मदद से किसान भाई बिना किसी परेशानी के अपनी फसलों को मड़ियों तक पहुंचा सकते है। किसानों को रबी गेहूं की खरीद हेतु यूपी सरकार के द्वारा यह एक विशेष प्रकार की सुविधा को किसानों तक उपलब्ध करवाया गया है जिसकी सहायता से अब किसान घर बैठे उत्तरप्रदेश गेहूं खरीद ऑनलाइन किसान पंजीकरण 2021 की प्रक्रिया को पूरा कर सकते है।

UP Kisan Gehun Kharid Yojana 2021

1 अप्रैल 2021 से राज्य में न्यूनतम समर्थन मूल्य गेहूं की खरीदी की प्रक्रिया शुरू की गयी है। जो किसान भाई ऑनलाइन रूप में अपनी फसलों को सरकारी एजेंसियों तक क्रय करना चाहते है वह fcs.up.gov.in की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पंजीकरण कर सकते है। गेहूं खरीदी की अंतिम तिथि उत्तर प्रदेश राज्य सरकार के द्वारा 15 जून 2021 निर्धारित की गयी है। जिन किसानों के द्वारा पहले खरीफ की फसलों के लिए पोर्टल में पंजीकरण किया गया था उन्हें फिर से पंजीकरण करने की आवश्यकता नहीं है। वह पंजीकरण को संसोधन कर पुनः लॉक कर सकते है। राज्य सरकार के द्वारा वर्ष 2021 के लिए गेहूं की खरीदी के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP 1975 रूपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है।

आर्टिकल गेहूं खरीद पंजीकरण उत्तरप्रदेश
पोर्टल खाद्य एवं रसद विभाग उत्तर प्रदेश ई-क्रय प्रणाली पोर्टल
राज्य उत्तर प्रदेश
वर्ष 2021
लाभार्थी राज्य के किसान
उद्देश्य किसानों को रबी की फसल की खरीद
हेतु सुविधाएँ उपलब्ध करवाना
लाभ किसानों को फसलों का समर्थन मूल्य प्राप्त
पंजीकरण ऑनलाइन
आधिकारिक वेबसाइट eproc.up.gov.in
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यूपी गेहूं खरीद किसान पंजीकरण उद्देश्य

गेहूं खरीद ऑनलाइन किसान पंजीकरण– राज्य के जो किसान कोरोना महामारी के कारण अपनी फसलों को बेचने में असमर्थ है। जिसकी वजह से उन्हें कृषि क्षेत्र में कई हानियों का सामना करना पड़ता है। इन सभी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा किसानों को फसलों की खरीद हेतु यह पोर्टल लॉन्च किया गया है। इस पोर्टल की मदद से किसान अब अपनी फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य में बेच पाएंगे। जिससे वह एक अच्छी आमदनी प्राप्त करके अपने जीवन की आर्थिक गति को एक नयी दिशा देने में सक्षम हो सकते है। किसानों को फसलों के खरीद का समर्थन मूल्य सीधे उनके बचत बैंक खाते में समय से ट्रांसफर किया जायेगा।

उत्तर प्रदेश ई क्रय प्रणाली की विशेषताएं

  • राज्य के सभी किसानों को अपनी फसल की खरीद के लिए पोर्टल में ऑनलाइन माध्यम से रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है। जिसके पश्चात उन्हें टोकन प्राप्त होने पर ही मंडी में अपनी फसल को लेकर निर्धारित समय में उपस्थित होना होगा।
  • वर्ष 2021-22 के लिए यूपी सरकार के द्वारा किसानों को सुविधाएँ पहुंचाने के लिए राज्य में 5500 गेहूं खरीद केंद्र स्थापित किये गए हैं।
  • 55 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का टारगेट वर्ष 2021 के लिए निर्धारित किया गया है।
  • गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा 1975 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
  • गेहूं की फसल बेचने वाले सभी किसानों को पोर्टल की सुविधाओं का लाभ पहुंचाया जायेगा।

गेहूँ खरीद ऑनलाइन किसान पंजीकरण दस्तावेज

  1. किसानों को अपनी जमीन से जुड़ी जानकारी के लिए खसरा – खतौनी, खसरा संख्या और जमीन का रकबा एवं गेहूँ का रकबा आदि डिटेल्स देनी होगी।
  2. किसान का आधार कार्ड
  3. मोबाइल नंबर
  4. बैंक अकाउंट पासबुक
  5. पासपोर्ट साइज फोटो
  6. किसान को अपने खेत की राजस्व अभिलेख की जानकारी भी प्रस्तुत करनी होगी।
ऑनलाइन किसान रजिस्ट्रेशन गेहूं खरीद अनिवार्य बाते
  • पोर्टल में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करते समय आवेदक को अपना आधार नंबर ,आधार कार्ड में दर्ज नाम आदि सही से भरना होगा।
  • पंजीकरण करने के लिए खाता संख्या पंजीयन में दर्ज कर रकबे एवं बोये गए रकबे के विवरण को भी दर्ज करना अनिवार्य है।
  • पंजीकरण सफल होने के उपरान्त रजिस्ट्रेशन नंबर को आगे के लिए सुरक्षित रख उसका प्रिंट आउट लें।
  • रजिस्ट्रेशन करने के लिए किसान को मौजूद मोबाइल नंबर को ही दर्ज करना होगा।
  • आवेदन लॉक करने के बाद ही किसान का रजिस्ट्रेशन स्वीकार किया जायेगा।
  • दिए गए मोबाइल नंबर में ही किसान को सभी सूचनाएं भेजी जाएगी।
  • 100 क्विंटल से अधिक गेहूं की खरीद पर किसान को SDM से सत्यापन करवाना होगा।
  • गेहूं विक्रय करने के पश्चात आवेदक किसान को केंद्र प्रभारी से रसीद प्राप्त करना अनिवार्य है।

उत्तर प्रदेश गेहूं खरीद ऑनलाइन किसान पंजीकरण 2021 कैसे करें ?

राज्य के जो इच्छुक लाभार्थी किसान नागरिक रबी की फसल खरीद के लिए पोर्टल में ऑनलाइन पंजीकरण करना चाहते है वह नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो कर आसानी से पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा कर सकते है।

स्टेप 1

  • गेहूं खरीद हेतु किसान पंजीकरण के लिए fcs.up.gov.in की आधिकारिक वेबसाइट में जाएँ।
  • वेबसाइट के होम पेज में खरीद हेतु किसान पंजीकरण के विकल्प में क्लिक करें।
  • Next Page में किसान को गेहूँ खरीद हेतु किसान पंजीकरण के विकल्प में क्लिक करना है।
  • अब स्क्रीन में पंजीकरण हेतु सभी महत्वपूर्ण जानकारी को पढ़कर आगे बढे। उत्तर-प्रदेश-गेहूं-खरीद-ऑनलाइन-किसान-पंजीकरण
  • पंजीकरण करने के लिए किसान को मोबाइल नंबर और कैप्चा कोड को दर्ज करके आगे बढ़ें के ऑप्शन में क्लिक करना है। उत्तर-प्रदेश-गेहूं-खरीद-ऑनलाइन-किसान-पंजीकरण
  • अब अगले पेज में आवेदक किसान को पंजीकरण करने के लिए फॉर्म में दी गयी सभी महत्वपूर्ण जानकारी को दर्ज करना है।
  • जैसे आवेदक किसान का नाम ,मोबाईल नंबर ,आधार कार्ड नंबर ,तहसील जनपद ,पति का नाम ,पिता का नाम आदि।
  • सभी आवश्यक जानकारी भरने के बाद पंजीकरण करें के विकल्प में क्लिक करें।

स्टेप 2

  • पंजीकरण प्रारूप के लिए पंजीकरण प्रारूप के ऑप्शन में क्लिक करें।
  • अब आवेदक किसान की स्क्रीन में एप्लीकेशन पीडीऍफ़ फॉर्म खुल जायेगा।
  • अब फॉर्म को प्रिंट आउट करें और इसमें दी गयी सभी आवश्यक जानकारी को दर्ज करें।

स्टेप्स 3

पंजीकरण संसोधन ड्राफ्ट

  • पंजीकरण करते समय अगर किसान नागरिक से कोई त्रुटि हो गयी है तो वह पंजीकरण संसोधन के ऑप्शन में क्लिक करके सभी त्रुटियों में सुधार कर सकते है।

स्टेप्स 4

पंजीकरण फ़ाइनल प्रिंट

  • किसान पंजीकरण फॉर्म प्रिंट करने के लिए आवेदक किसान को पंजीकरण फ़ाइनल प्रिंट के ऑप्शन में क्लिक करना है और पंजीकरण किये गए फॉर्म का प्रिंट निकाल के आगे के लिए इस फॉर्म को सुरक्षित रखना है।
  • लॉक के उपरांत टोकन बनाने की प्रक्रिया
  • लॉक के उपरांत टोकन बनाने की प्रक्रिया के लिए दिए गए ऑप्शन में क्लिक करें।
  • अब अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर आगे बढे के ऑप्शन में क्लिक करें।
  • टोकन प्राप्त करने के लिए अगले पेज में फॉर्म को भरें।
  • टोकन में किसान को मंडी में फसल पहुंचाने का सभी विवरण दिया जायेगा।

गेहूं खरीद हेतु किसान पंजीकरण उत्तरप्रदेश से संबंधित प्रश्न उत्तर

गेहूं खरीद पोर्टल की शुरुआत किसके द्वारा की गयी है ?

उत्तर प्रदेश रसद विभाग एवं राज्य सरकार के द्वारा गेहूं खरीद पोर्टल की शुरुआत की गयी है।

पोर्टल के माध्यम से किसानों को क्या सुविधाएँ प्राप्त हुई है ?

किसानों को समय से अपनी फसल बेचने की सुविधाएँ पोर्टल के माध्यम से प्राप्त हुई है।

क्या किसानों को पोर्टल के तहत फसलों का समर्थन मूल्य प्राप्त होगा ?

हाँ ई-क्रय प्रणाली पोर्टल के माध्यम से किसानों को उनकी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP प्राप्त होगा।

1 क्विंटल गेहूं के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा कितना मूल्य निर्धारित किया गया है ?

उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए 1 क्विंटल गेहूं की कीमत 1975 रूपए निर्धारित की गयी है।

क्या किसानों को ऑनलाइन माध्यम से ही फसल बेचने के लिए पोर्टल में रजिस्ट्रेशन करना होगा ?

हाँ किसान ऑनलाइन रूप में ही eproc.up.gov.in आधिकारिक वेबसाइट में फसल बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकते है।

पोर्टल में रजिस्ट्रेशन करने के पश्चात टोकन लेना क्यों आवश्यक है ?

गेहूं की फसल बेचने के लिए आवेदक किसान द्वारा पोर्टल में रजिस्ट्रेशन करने के पश्चात टोकन लेना आवश्यक है। टोकन के आधार पर ही किसान नागरिक अपनी फसल को निर्धारित तिथि एवं समय के साथ मंडी में बेचने के लिए उपस्थित कर सकता है।

गेहूं खरीद पोर्टल राज्य के किसानों को किस प्रकार लाभान्वित करेगा ?

यह पोर्टल किसानों को समर्थन मूल्य में उनकी फसल को बेचने के लिए मदद करेगा जिससे किसान की फसल समय से बेचीं जा सकेगी और उन्हें समय से फसल का पैसा मिल पायेगा।

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