स्वामी विवेकानंद ऐतिहासिक पर्यटन यात्रा योजना 2023: ऑनलाइन आवेदन, एप्लीकेशन फॉर्म

उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वामी विवेकानंद ऐतिहासिक पर्यटन यात्रा योजना राज्य के धार्मिक स्थलों पर आस्था रखने वाले मजदूर नागरिकों के लिए चलाई है। राज्य में ऐसे कई गरीब मजदूर नागरिक रहते है जो धार्मिक स्थलों पर यात्रा करना चाहते है , लेकिन अपनी आर्थिक तंगी के कारण वह अपनी इच्छा को पूरा नही कर पाते है, इसलिए योगी सरकार उन्हें यात्रा करने हेतु 12 हजार रूपए तक की राशि प्रदान करेंगी।

स्वामी विवेकानंद ऐतिहासिक पर्यटन यात्रा योजना का लाभ यूपी राज्य के 1.5 करोड़ श्रमिक नागरिकों को दिया जाएगा, जो आर्थिक रूप से बेहद गरीब है, और वह अपने परिवार पालन पोषण करने के लिए फैक्ट्री में काम करते है।

स्वामी विवेकानंद ऐतिहासिक पर्यटन यात्रा योजना
स्वामी विवेकानंद ऐतिहासिक पर्यटन यात्रा योजना

यदि आप भी उत्तर प्रदेश राज्य में रहने वाले एक गरीब मजदूर नागरिक है और आप भगवान में काफी आस्था रखते है और उनके दर्शन करने के लिए यात्रा करना चाहते है, तो आप इस योजना में जरूर आवेदन करे। आवेदन करने से संबंधित सभी प्रकार की आवश्यक जानकारी को आप यहाँ दी गयी जानकारी के अनुसार चेक कर सकते है।

स्वामी विवेकानंद ऐतिहासिक पर्यटन यात्रा योजना

स्वामी विवेकानंद ऐतिहासिक पर्यटन यात्रा योजना राज्य के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के द्वारा शुरू की गई है। इस योजना के दौरान राज्य के श्रमिक नागरिकों को गोरखनाथ मंदिर, मेरठ, हस्तिनापुर शहर और प्रयागराज जैसे धार्मिक स्थलों में यात्रा करने के लिए 12 रुपए तक की राशि प्रदान की जाएगी।

योजना का लाभ उन श्रमिकों को मिलेगा ,जिन्होंने अपना नाम श्रम विभाग कल्याण बोर्ड के अंतर्गत पंजीकृत करवाया है, स्वामी विवेकानंद ऐतिहासिक पर्यटन यात्रा योजना में राज्य के सिर्फ श्रमिक नागरिक ही शामिल होंगे।

योजना का नामस्वामी विवेकानंद ऐतिहासिक पर्यटन यात्रा योजना
राज्यउत्तर प्रदेश
वर्ष2023
योजन किनके द्वारा शुरू की गईराज्य के मुख्यमंत्री श्री  योगी आदित्यनाथ जी के द्वारा
लाभ12 रुपए तक की राशि
लाभार्थीराज्य के गरीब श्रमिक नागरिक
उद्देश्यपर्यटन यात्रा के लिए धनराशि देना
आवेदन मोड़ऑनलाइन
ऑफिसियल वेबसाइटCLICK HARE

यह भी पढ़े -: (upbocw.in) यूपी श्रम विभाग योजना लिस्ट

Swami Vivekanand Etihasik Paryatan Yatra Scheme के लाभ

  • स्वामी विवेकानंद ऐतिहासिक पर्यटन यात्रा योजना की शुरुआत से राज्य के सभी गरीब श्रमिको लोगों को भी गोरखनाथ मंदिर, मेरठ, हस्तिनापुर शहर जैसे जगहों पर जाने का मौका मिलेगा।
  • इस योजना के अंतर्गत राज्य के उन सभी गरीब मजदूरों को 12 हजार रूपए तक की राशि दी जाएगी, जो भगवान के दर्शन करने के लिए पर्यटन यात्रा करना चाहते है।
  • योजना के दौरान मिलने वाली राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे श्रमिक नागरिक के अकाउंट में भेजी जाएगी।
  • यूपी राज्य ऐसे मजदूर नागरिक योजना का लाभ प्राप्त कर सकते है जो अपनी परिवार की जरूरते पूरी करने के लिए फैक्ट्रियों में काम करते है।
  • योगी सरकार ने स्कीम के तहत राज्य के 1.5 करोड़ श्रमिकों को लाभ देने का निर्णय लिया है।

स्वामी विवेकानंद ऐतिहासिक पर्यटन योजना का उद्देश्य

योगी सरकार ने अपने राज्य के गरीब श्रमिक नागरिकों को धार्मिक स्थलों के दर्शन करवाने के उद्देश्य से स्वामी विवेकानंद ऐतिहासिक पर्यटन यात्रा योजना शुरू की है।, इस योजना के माध्यम से राज्य सरकार सभी मजदूरों को धार्मिक स्थलों की यात्रा पर जाने के लिए धनराशि प्रदान करेगी जिससे मदद से वह अपनी यात्रा पूरी कर पाएंगे।

राज्य के गरीब मजदूरोंकी कमाई सीमित होती है ,इसलिए वह बड़ी मुश्किल से सिर्फ अपने परिवारों की जरूरतों को ही पूरा कर पाते है। कुछ मजदूर लोग धार्मिक स्थल की जगहों पर आस्था रखने के बावजूद भी खर्चो के वजह से नहीं जा पाते है, इसलिए उत्तर प्रदेश राज्य के मुख्यमंत्री जी अपने राज्य के हर एक गरीब का पर्यटन यात्रा पर जाने का सपना पूरा करना चाहते है।

योजना में आवेदन करने हेतु आवश्यक दस्तावेज

अगर यूपी श्रमिक नागरिक योजना में आवेदन करना चाहते है उसके लिए उनके पास नीचे दिए डॉक्योमेंट्स होना बेहद जरुरी है-

  1. श्रमिक कार्ड
  2. आइडी कार्ड
  3. निवास प्रमाण पत्र
  4. आधार कार्ड
  5. पासपोर्ट साइज फोटो
  6. स्वास्थ्य कार्ड
  7. राशन कार्ड
  8. आधार कार्ड
  9. बैंक पासबुक
  10. पैन कार्ड

Etihasik paryatan Yatra योजना के लिए पात्रता

यदि आप स्वामी विवेकानंद ऐतिहासिक पर्यटन यात्रा योजना का लाभ प्राप्त करना चाहते है तो उसके लिए आप नीचे दी गई पात्रताएं ध्यानपूर्वक पढ़े-

  • आवेदक उत्तरप्रदेश राज्य का मूल निवासी होना चाहिए।
  • योजना का लाभ सिर्फ उन मजदूर नागरिकों को दिया जाएगा जो श्रमिक कल्याण विभाग के अंतर्गत पंजीकृत है।
  • पर्यटन यात्रा योजना में आवेदन का पात्र वह फैक्ट्री में काम करने वाले श्रमिक नागरिक है।
  • श्रमिक नागरिक की योजना के तहत कम से कम 18 साल से या उससे ऊपर होनी चाहिए।

योजना में पर्यटन यात्रा हेतु शामिल किये गए धार्मिक स्थल

  1. शाकुम्भरी देवी मंदिर
  2. गोरखनाथ मंदिर
  3. अयोध्या
  4. विंध्यवासिनी देवी मंदिर
  5. मथुरा
  6. वैष्णो देवी मंदिर
  7. हस्तिनापुर (मेरठ)
  8. प्रयागराज

स्वामी विवेकानंद ऐतिहासिक पर्यटन यात्रा योजना एप्लीकेशन फॉर्म ऐसे भरें

यूपी राज्य के जो इक्छुक श्रमिक नागरिक योजना में आवेदन करना चाहते है वह हमारे द्वारा नीचे बताए गए स्टेफ को फॉलो करें-

  • सबसे पहले आप उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (upbocw.in) की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाए।
  • वेबसाइट के होम पेज में आपको योजनाएं के सेक्शन में समस्त योजनाएं के ऑप्शन पर क्लिक करें।
  • अगले पेज में स्वामी विवेकानंद ऐतिहासिक पर्यटन यात्रा योजना को सलेक्ट करना है।
  • इसके पश्चात आवेदन फॉर्म डाउनलोड के विकल्प में क्लिक करना है।
  • अब आपके सामने फॉर्म का पीडीऍफ़ पेज खुल जाएगा, इसे डाउनलोड कर इसका प्रिंट निकाले।
  • फॉर्म में पूछी सभी जानकारी को दर्ज करें।
  • अब आवेदन पत्र के साथ मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेजों की कॉपी को अटैच करें।
  • इसके बाद अपना फॉर्म श्रम विभाग कार्यालय में जमा करा दें।
  • कार्यालय द्वारा आपके आवेदन फॉर्म की जाँच की जाएगी यदि आपके फॉर्म में सभी जांचे सफलता पूर्वक हो जाने पर आपको योजना के दौरान मिलने वाली राशि आपके अकाउंट में ट्रांसफर की जाती है।

स्वामी विवेकानंद ऐतिहासिक पर्यटन यात्रा योजना से संबंधित प्रश्न एवं उनके उत्तर

स्वामी विवेकानंद ऐतिहासिक पर्यटन यात्रा योजना क्यों शुरू की गई है?

यूपी राज्य के गरीब श्रमिक नागरिकों को धार्मिक स्थल जगहों पर जाने हेतु धनराशि प्रदान करने के लिए स्वामी विवेकानंद ऐतिहासिक पर्यटन यात्रा योजना शुरू की गई है।

यूपी पर्यटन यात्रा योजना किसके लिए है?

स्वामी विवेकानंद ऐतिहासिक पर्यटन यात्रा योजना योगी सरकार ने उन गरीब मजदूर नागरिक और उनके परिवारों के लिए है, जो धार्मिक स्थल जगहों पर यात्रा करना चाहते है।

UP Etihasik paryatan Yatra योजना की अधिकरी वेबसाइट क्या है?

स्वामी विवेकानंद ऐतिहासिक पर्यटन यात्रा योजना की ऑफिसियल वेबसाट पर जाने के लिए upbocw.in पर विजिट करें।

स्वामी विवेकानंद ऐतिहासिक पर्यटन यात्रा योजना किसके द्वारा शुरू की गई है?

यह योजना उत्तर प्रदेश राज्य के राज्य के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के द्वारा शुरू की गई है।

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