भारत के 10 प्रसिद्ध मंदिर – 10 Famous Temples of India in Hindi

भारत में अध्यात्म एवं तीर्थ स्थलों का विशेष इतिहास रहा है। वैसे हिन्दू धर्म के अनुयायी सभी मंदिरो में पूरी श्रद्धा के साथ जाते है किन्तु कुछ काफी प्रसिद्ध मंदिर होते है। मंदिर विशेष की लोकप्रियता की वजह उससे जुड़ा इतिहास होता है। हिन्दू धर्म में 64 करोड़ देवी-देवताओं के होने से इनसे जुड़े लाखो मंदिर देशभर में मिलते है जोकि काफी प्राचीन भी है। ये मंदिर विदेशी पर्यटकों के लिए भी कौतुहल एवं शोध के विषय बन रहे है।

Ten Famous Temples of India in Hindi भारत के 10 प्रसिद्ध मंदिर
भारत के प्रसिद्ध मन्दिर

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भारत के 10 प्रसिद्ध मंदिर

भारत के 10 प्रसिद्ध मंदिर- समय के साथ भारतीय मंदिरो की प्रसिद्धि देश-विदेश में काफी बढ़ती जा रही है। इस बात की मुख्य वजह मंदिरो के अध्यात्मिक इतिहास, निर्माण शैली एवं वास्तुकला है। इस लेख में आप भारत के उन 10 प्रसिद्ध मंदिरो को जानेंगे जोकि अपने देवता एवं धार्मिक मान्यता के कारण काफी प्रसिद्ध है।

Famous Temples of India List भारत के 10 प्रसिद्ध मंदिर

वैष्णो देवी मंदिरतिरुपति बालाजी मंदिर
काशी विश्वनाथ मंदिरमहाबोधि मंदिर
केदारनाथ मंदिरअक्षरधाम मंदिर
कामाख्या देवी मंदिरजगन्नाथ मंदिर पूरी
सोमनाथ मंदिरसिद्धिविनायक

वैष्णो देवी मंदिर (जम्मू-कश्मीर) भारत के 10 प्रसिद्ध मंदिर

भगवान शिव की अर्धांगिनी देवी के भक्तों के लिए यह मंदिर सर्वाधिक महत्त्व का स्थान है। यह मंदिर देश के पर्वतीय राज्य जम्मू के कटरा नाम के शहर में स्थित है जोकि भारत का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है। सभी श्रद्धालु कटरा से 12 किमी की यात्रा करने के बाद माता की पवित्र गुफा तक पहुँचते है। यही गुफा देवी के निवास के रूप में मान्यता रखता है। ये स्थान त्रिकुटा नामक पहाड़ी पर 5,200 फ़ीट की ऊँचाई पर मौजूद है।

भारत के 10 प्रसिद्ध मंदिर

देवी के मंदिर पहुंचे का मार्ग भी अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के कारण से काफी आनंद देता है। नवरात्रि के दिनों में तो यहाँ पर देवी के भक्तो की भारी भीड़ देखने को मिलती है। कुछ समय पूर्व तक कटरा से देवी की गुफा का मार्ग सिर्फ पैदल ही तय करना होता था किन्तु अब भक्तों के लिए घोड़ा, पालकी, इलेक्ट्रिक कार एवं हेलीकाप्टर तक की व्यवस्था मिल रही है।

प्राचीन कहानी के अनुसार एक काला जादू करने वाला भैरो नाथ लडका बनकर देवी के कन्या रूप का पीछा करने लगा। ये व्यक्ति देवी से शादी करने की इच्छा रखता था और जोर जबरदस्ती से शादी के लिए देवी को मना रहा था। इससे बचने के लिए देवी इन्ही पहाड़ियों की गुफा में आकर छिप गयी। देवी अपने पवित्र मंदिर वाले स्थान पर पहुँचने से पहले इस समय के बाणगंगा, चरण पादुका एवं अड्कवारी में भी रुकी थी।

भैरो नाथ के वापिस ना जाने के कारण अंत में देवी ने उसको मारने का निश्चय कर लिया। देवी ने अपनी गुफा की सीमा पर ही उसका सर काटकर दूसरी पहाड़ी पर फेक दिया। किन्तु क्षमा याचना करने के कारण उसे देवी से वरदान भी मिला कि देवी के मंदिर की यात्रा करते समय भैरो नाथ मंदिर में दर्शन से ही यात्रा पूर्ण मानी जाएगी।

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काशी विश्वनाथ मंदिर (वाराणसी, उत्तर प्रदेश) 10 Famous Temples of India in Hindi

भारत के 10 प्रसिद्ध मंदिर

हिन्दू के आराध्य महादेव यानी भगवान शिव का सबसे प्रसिद्ध मंदिर काशी विश्वनाथ देश की सर्वाधिक पावन नदी गंगा के पश्चिमी तट प्राचीन समय से विधमान है। शहर के मध्य भाग में मौजूद ये मंदिर लाखो भक्तो के लिए आस्था का स्थान है। देशभर में शिवजी के नाम से प्रसिद्ध भगवान को यहाँ पर विश्वनाथ अथवा विश्वेश्वर नाम दिया गया है जिसका अर्थ विश्व यानी यूनिवर्स एवं नाथ यानी मालिक।

इस प्रकार से यह मंदिर शिव को ब्रम्हाण्ड के पालनकर्ता के रूप में स्थापित करता है। इस मदिर में एक ज्योतिर्लिंग भी है जोकि देशभर में व्याप्त शिवजी के 12 ज्योतिर्लिंग में से एक है। पुराने समय में तो शहर के राजा भी शिवरात्रि के दिन मंदिर में विशेष पूजा किया करते थे।

भारत के 10 प्रसिद्ध मंदिर

काशी के राजा के द्वारा मंदिर में पूजा करने के दौरान अन्य लोगो को भी मंदिर में आने की अनुमति नहीं होती थी। इस मंदिर में भक्तो को कालभैरव, विष्णु, विरुपक्ष गौरी, विनायक एवं अविमुक्तेश्वर इत्यादि अन्य मंदिरो के भी दर्शन मिलते है। काशी विश्वनाथ का यह मंदिर काफी प्राचीन समय का है और इसकी लोकप्रियता विश्व के अन्य स्थानों में भी देखने को मिल रही है। इस मंदिर की विशेषता यह है कि यह शहरी क्षेत्र में ही स्थिति है और दर्शनार्थियों को यहाँ आने के लिए कम समय एवं परेशानी होती है।

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केदारनाथ मंदिर (उत्तराखण्ड) 10 Famous Temples of India in Hindi

भारत के 10 प्रसिद्ध मंदिर

यह भारत के सुन्दरतम पर्वतीय राज्य उत्तराखण्ड के गढ़वाल मंडल के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित प्रसिद्ध मंदिर है। पिछले कुछ वर्षों में तो यह मंदिर देश एवं विदेश की मिडिया में भी ख़बरों का हिस्सा बनता रहा है चूँकि देश के पीएम भी यहाँ काफी बार दर्शन करने आ चुके है। केदारनाथ मंदिर 3,583 मीटर ऊँचाई पर मौजूद है जोकि देश में भगवान शिव को समर्पित प्रसिद्ध 12 ज्योतिर्लिंगों में से सर्वाधिक ऊँचा है। मंदिर को गंगोत्री, यमुनोत्री के अतिरिक्त छोटे चार धाम में सम्मिलित है।

कहानी के अनुसार आज से हजारो वर्ष पूर्व केदारनाथ मंदिर का निर्माण पांडवो ने किया था और बाद में हिन्दुओ के आदि गुरु शंकराचार्य ने पुर्ननिर्माण किया था। इस प्रकार का रुचिपूर्ण इतिहास, धार्मिक महत्व एवं शानदार वास्तुकला की वजह से भारी संख्या में लोगो को आकर्षित करता है।

भारत के 10 प्रसिद्ध मंदिर

मंदिर में दर्शन करने का समय अप्रैल से नवंबर तक ही रहता है और पुरे वर्षभर लोगो को इन महीनो का इंतजार रहता है। एक हिमालयी पर्वत श्रृंखला पर स्थिति यह मंदिर सर्दी के मौसम में बर्फ से आच्छादित रहता है जिससे यहाँ दर्शन के लिए आना काफी मुश्किल रहता है। मंदिर की सबसे विशेष बात तो यह है कि यहाँ पर श्रद्धालुओं के दर्शन के समय को पुरोहितो द्वारा तिथि निकालकर हर साल तय किया जाता है।

वैसे यह मंदिर आमतौर पर नवंबर के महीने के मध्य से पहले बंद कर दिया जाता है और पुरे 6 महीने बंद रहने के बाद अप्रैल में खोला जाता है। मंदिर के बंद रहने के समय भगवान शिव की मूर्ति को व्ही उखीनाथ में पहुँचा देते है। शिव जी के भक्तो के साथ ही यह मंदिर सैलानियों एवं प्रकृति का आनंद लेने वाले लोगो के लिए भी काफी अच्छा है।

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कामाख्या देवी मंदिर (गुवाहाटी)

भारत के 10 प्रसिद्ध मंदिर

देश के पूर्वोत्तर भाग के राज्य असम के गुवाहाटी के पश्चिमी हिस्से की नीलांचल पर्वत पर कामाख्या देवी का मंदिर है। इस मंदिर की विशेषता यह है कि यह देशभर में स्थिति देवी के 51 शक्तिपीठ में से प्रसिद्ध 4 शक्तिपीठों में से एक है। मंदिर में देवी की महामुद्रा (योनि-कुंड) मौजूद है चूँकि इसी स्थान पर देवी सती की योनि गिरी थी। मंदिर की देवी को भक्त कामाख्या एवं इच्छा की देवी के नाम से जानते है चूँकि भक्तो के लिए यह मंदिर इच्छा पूर्ति का केंद्र रहा है।

प्राचीन समय में भारत में बने तांत्रिक शक्तिवाद पंथ के केंद्र भी रहा है। ऐसी मान्यता है कि ये मंदिर देवी के रजस्वला के कारण से काफी लोकप्रिय है। मंदिर की एक घटना विचित्र है कि यहाँ पर एक चट्टान से बनी योनि में से रक्त बहता रहता है। इस घटना के कारण से यह मंदिर चमत्कारिक मंदिर की तरह प्रसिद्ध है।

मंदिर 3 भागो में निर्मित है सबसे बड़े भाग में सबको जाने की अनुमति नहीं है दूसरे भाग में माता के दर्शन होते है जिससे हमेशा पानी निकलता रहता है। कामाख्या देवी का मंदिर भारत में तांत्रिको का गढ़ भी है चूँकि कुछ ख़ास मौको पर बहुत से तांत्रिक यहाँ पर एकत्रित होते है। यह मंदिर देश के अन्य देवी मंदिरो से बहुत भिन्न है। इसी मंदिर में देवी के रजस्वला की समाप्ति पर भक्त भारी संख्या में दर्शन के लिए आते है।

मंदिर के पास में ही उमानंद भैरव का भी मंदिर है जिनके दर्शन से ही यात्रा पूर्ण होती है। मंदिर तक आने के लिए श्रद्धालु विभिन्न प्रकार की सुविधाएँ लेते है। मंदिर के सबसे पास का हवाई अड्डा गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है।

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सोमनाथ मंदिर (गुजरात) 10 Famous Temples of India in Hindi

भारत के प्रसिद्ध राज्य गुजरात के पश्चिमी किनारे पर काठियावाड़ क्षेत्र में वेरावल बंदरगाह के निकट प्रभास पाटन में मौजूद है। ये मंदिर देशभर में मौजूद भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लंगो में से पहले के रूप में मान्यता रखता है। मंदिर का नाम सोमनाथ का अर्थ ‘भगवानो के भगवान’ होता है। ये मंदिर पुरे गुजरात राज्य में विशेष तीर्थस्थल एवं पर्यटन केंद्र समझा जाता है। कुछ सदी पहले तक इस मंदिर को मुग़ल राजाओ एवं पुर्तगालियों ने कई बार तोडा भी था किन्तु इसका निर्माण बार बार कर दिया गया।

इस समय के मंदिर को चालुक्य शैली में बनाया गया है। मंदिर की भगौलिक स्थिति के अनुसार यह अंटार्कटिका तक मंदिर सागर के मध्य सीधी रेखा में कोई जमीन नहीं है। मंदिर के दर्शन करने के लिए विश्वभर से बहुत मात्रा में सैलानी आते है।

मंदिर को लेकर कहानी है कि दक्ष प्रजापति की 27 बेटियाँ थी और इन सभी की शादी चंद्रदेव से हुई थी। इन सभी रानियों में से चन्द्रदेवता का स्नेह रोहिणी को लेकर सबसे अधिक था। इसी कारण से बाकी की रानियाँ काफी नाखुश रहती थी और इस बात की शिकायत चंद्रदेव से भी की। राजा ने चंद्रदेव को काफी समझाने का प्रयास किया और ना मानने पर क्षयग्रस्त होने का श्राप दिया।

ब्रह्माजी के कहने पर चंद्रदेव ने शिवजी की पूजा की और उनका श्राप मुक्त हो गया। इसके बाद से चंद्रदेव की कला कृष्ण पक्ष में कम होती जाएगी और शुल्क पक्ष में वापिस आ जाएगी। मंदिर तक मुंबई शहर से 55 किमी दुरी की सीधा वायु सेवा मिलती है। और मंदिर से 7 किमी की दूरी पर रेलवे स्टेशन भी है। भक्तो के लिए यहाँ गेस्ट हाउस, विश्राम घर एवं धर्मशाला का अच्छा प्रबंध है।

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तिरुपति बालाजी मंदिर 10 Famous Temples of India in Hindi

भारत के 10 प्रसिद्ध मंदिर

भारत के दक्षिणी भाग में स्थित आंध्र प्रदेश के चचित्तूर जिले के तिरुपति में तिरुमाला के पर्वतो पर तिरुपति बालाजी का मंदिर है। यह मंदिर भक्तो के लिए चमत्कारिक शक्तियों का मुख्य स्थान है। यह मंदिर वेंकटेश्वर मंदिर के नाम से भी प्रसिद्ध है और लाखों की संख्या में भक्त यहाँ आते देखे जाते है। मंदिर में अपने बालो को अर्पित करके मनोकामना पूर्ण करने का विधान है।

कहानियों के अनुसार हिन्दुओ के पालनहार भगवान विष्णु ने मानव को भविष्य की परेशानियों से बचाने के लिए अवतार लिया था। चूँकि उस समय पूरी धरती जलमग्न थी तो भगवान ने धरती को जल से बाहर लाने और सृष्टि की उत्पत्ति के लिए वराह अवतार लिया। दिर की अपार कृपा के कारण से ही हिन्दुओं के लिए तिरुपति बालाजी का स्थान काफी ऊँचा है।

यह मंदिर सागर तट से 853 फ़ीट की ऊँचाई पर पहाड़ी की 7 चोटियों पर मौजूद है जिस वजह से सात पहाड़ियों का मंदिर भी कहलाता है। इसके अतिरिक्त यह मंदिर दान के चढ़ावे के मामले में भी देश का सर्वाधिक धनी मंदिर भी है। प्रत्येक वर्ष करोडो रुपयों का दान मंदिर में आ जाता है।

मंदिर की प्रथा के अनुसार भक्तो के द्वारा अर्पित बालो से भी मंदिर को करोडो की धनराशि प्राप्त होती है। मंदिर से 15 किमी की दूरी पर हवाई अड्डा रेनिकुंटा में मौजूदा है और यहाँ से सबसे नजदीक रेल स्टेशन 26 किमी की दूरी पर है। लोगो की मान्यता तो यह भी है कि जीवन में एक बार यहाँ दर्शन कर लेने से मानव जीवन का लक्ष्य भी पूर्ण हो जाता है।

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महाबोधि मंदिर (बोधगया, बिहार)

भारत के 10 प्रसिद्ध मंदिर-यह भारत के बिहार राज्य के बोधगया नाम के स्थान पर बौद्ध धर्म के स्थापक भगवान बुद्ध का मंदिर है। इस स्थान को यूनेस्को ने भी विश्व धरोहर की सूची में स्थान दिया है। इस मंदिर को लेकर यह मान्यता है कि यही पर पेड़ के नीचे भगवान बुद्ध को ध्यान में आत्मज्ञान हुआ था। भगवान बुद्ध का आधुनिक समय में आध्यात्मिक क्षेत्र में बहुत नाम है और उनके दर्शन को बहुत से लोग पढ़कर समझने का प्रयास करते है।

विश्वभर के अलग-अलग देशों से बुद्ध में श्रद्धा रखने वाले लोगो का यहाँ आना लगा रहता है। हिन्दुओं के लिए भी यह मंदिर काफी महत्वपूर्ण हो जाता है चूँकि बुद्ध को हिन्दू शास्त्रों में भगवान विष्णु के 9वें अवतार के रूप में मान्यता मिली हुई है। यह मन्दिर कुल 4.8 हेक्टेयर के क्षेत्रफल में फैला है और इसकी ऊँचाई 55 मीटर है। मंदिर के बाये भाग में पवित्र बोधि मंदिर है जोकि भगवान बुद्ध की साधना वाले पेड़ का प्रत्यक्ष वंशज है।

इसी पेड़ के नीचे बैठकर भगवान बुद्ध ने अपने बुद्धत्व पाने तक नियमित रूप से ध्यान किया था। बौद्ध धर्म के चार प्रमुख मंदिरो में से महाबोधि का नाम भी आता है और यही से बुद्ध ने सांसारिक जीवन का त्याग करते हुए लोक कल्याण एवं धर्म प्रचार की शुरुआत कर दी थी। महाबोधि मंदिर 2 विभिन्न प्रकार की रेलिंग से घिर रखा है। बलुआ पत्थर की रेलिंग करीबन 150 ईसा पूर्व की है और अन्य मोटे ग्रेनाइड से निर्मित रेलिंग गुप्त काल की है।

पुरानी रेलिंग में देवी लक्ष्मी, हिन्दू एवं बौद्ध धन की देवी, स्नान करते हाथी आदि चित्रित मिलते है और नई रेलिंग में स्तूपों के बचे अवशेष (अवशेषी मंदिर) एवं गरुण के चित्र है। मंदिर के गर्भगृह में भगवान बुद्ध की धरती पर बैठे हुए स्वर्ण निर्मित मूर्ति है जो काले पत्थर से बनी है।

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अक्षरधाम मंदिर (दिल्ली) 10 Famous Temples of India in Hindi

भारत के 10 प्रसिद्ध मंदिर

भारत की राजधानी दिल्ली में स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर काफी लोकप्रिय है जिसे साल 2005 में खोला गया था। भगवान स्वामीनारायण के लिए बने इस मंदिर को यमुना नदी के किनारे प्राचीन हिन्दू संस्कृति के अनुसार बनाया गया है। यह मंदिर विश्व के सबसे बड़े विस्तृत हिन्दू मंदिर की तरह से गिनीज बुक ऑफ वर्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज़ कर चुका है।

मंदिर में स्वामीनारायण की भव्य मूर्ति के साथ 20,000 भारतीय दिव्य महापुरुषों की भी मूर्तियां देखने को मिलती है। मंदिर को बारीक़ नक्काशी वाले संगमरमर एवं बलुआ के पत्थरो से बनवाया गया है। मंदिर का फैलाव पुरे 100 एकड़ के क्षेत्रफल में है जोकि 141 फ़ीट ऊँचा, 316 फ़ीट चौड़ा एवं 356 फ़ीट लम्बा है। यहाँ सभी पर्यटक धार्मिक शांति का अनुभव कर पाते है।

देश की राजधानी में होने के कारण इस मंदिर में पहुँचाना बहुत ही आसान है। ये स्थान पूर्वी दिल्ली का काफी विशेष केंद्र है और इसके पास का क्षेत्र सर्वाधिक माँग वाले आवासीय स्थान बन चुका है। देश-विदेश के लोगो के लिए यह मंदिर एक शानदार भ्रमण स्थल है। मंदिर की खास वास्तुकला में 9 गुम्बद, 234 नक्कासी वाले स्तम्भों के साथ आचार्यों, स्वामियों एवं भक्तो की बहुत सी मूर्ति है।

इसके अतिरिक्त नृत्यांगनाओं, पेड़-लताओं, देवी-देवताओं, संगीतकारों और जीव-जन्तुओ के चित्र भी है। यहाँ पर जल निकाय, खुला गार्डन एवं सीढ़ीदार आंगन भी है। मंदिर का निर्माण करने में 30.00,00,000 स्वयंसेवी घण्टे लगे थे जिसमे करीबन 8,000 से ज्यादा स्वयंसेवी संलग्न हुए थे।

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जगन्नाथ मंदिर पूरी

भारत के 10 प्रसिद्ध मंदिर

यह भारत के दक्षिणी राज ओडिसा राज्य के पूर्वी किनारे पर भगवान जगन्नाथ (श्रीकृष्ण) का महत्वपूर्ण मंदिर है। यह एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल एवं तीर्थस्थान भी है जिसमे प्रत्येक वर्ष लाखों की मात्रा में मंदिर दर्शन के लिए सैलानी आते है। जगन्नाथ का अर्थ है जगत यानी दुनिया और नाथ यानी मालिक, इस प्रकार से यह मंन्दिर दुनिया के स्वामी का है। मंदिर वैष्णव संप्रदाय के अनुयानियों का मंदिर है जोकि पूरी तरह से भगवान कृष्ण को समर्पित है। मंदिर में भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बालभद्र एवं बहन सुभद्रा की काठ (लकड़ी) से बनी मूर्तियां है।

मंदिर को हिन्दुओं के 4 प्रसिद्ध धामों में स्थान मिला है। इस मंदिर की विचित्र बात यह है कि इसके ऊपर लगा धर्म ध्वज हवा के विपरीत दिशा में लहराता रहता है। किन्तु अभी तक किसी वैज्ञानिक वजह का पता नहीं चला है।

मंदिर के विषय में कहानी है कि भगवान विष्णु जब चारो धामों में बसने के लिए लिए गए तो सबसे पहले वह बद्रीनाथ गए और नहाए। इसके बाद वे द्वारिका गए और कपडे बदले इसके बाद वे पुरी में खाना खाने के बाद रामेश्वरम में आराम करने गए। मंदिर को लेकर एक मान्यता यह है कि श्रीकृष्ण के अपनी देह त्यागने पर उनका अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में शरीर का एक भाग छोड़कर पूरी देह पंचतत्व से मिल गयी।

श्रीकृष्ण का हृदय जीवित रहकर धड़कता रहा। मान्यता के अनुसार वो हृदय आज की मंदिर की लकड़ी से बनी मूर्ति के भीतर धड़क रहा है। मूर्ति को प्रत्येक 12 वर्षों में बदलने के विधान है और मूर्ति को बदलने के दौरान शहरभर की बिजली को बंद कर देते है। सभी तरफ अँधेरे के माहौल में मंदिर के चारो ओर सीआरपीएफ जवानों की मौजूदगी में पुरोहित भीतर प्रवेश करके अनुष्ठान करते है।

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सिद्धिविनायक मंदिर

भारत के 10 प्रसिद्ध मंदिर

महाराष्ट्र के प्रसिद्ध शहर और देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भगवान गणेश के भक्तों में यह मंदिर काफी प्रसिद्ध है। इस मंदिर को साल 1801 में लक्ष्मण विठू एवं देऊबाई पाटिल ने बनवाया था। चूँकि इन दोनों ही अपनी कोई संतान नहीं थी तो इन्होने गणेशजी का मंदिर बनाने का निश्चय किया। मंदिर के निर्माण को लेकर उनका सीधा उद्देश्य यह था कि मंदिर के आशीर्वाद से कोई भी महिला बाँझ ना रहे।

यहाँ पर भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना हुई और मंदिर को लेकर कुछ कथाएँ भी प्रचलित है। एक कहानी के अनुसार मंदिर का नाम सिद्धिविनायक इस वजह से हुआ कि भगवान गणेशजी की मूर्ति में सूंड दाई तरफ मुड़ रखी है और सिद्धि पीठ से लगी है। इस कारण से इस मंदिर और भगवान का नाम सिद्धिविनायक हुआ।

मंदिर के भक्तो का भगवान पर पूर्ण श्रद्धा है चूँकि वे मानते है कि यहाँ आकर मांगने से उनकी हर मनोकामना पूर्ण होगी। यह मुंबई एवं देश के सर्वाधिक धनी मंदिरो में से एक है और हर दिन यहाँ श्रद्धालु आकर बहुत सा धन देकर जाते है। भगवान गणेश की प्रतिमा को लेकर मान्यता है कि यह स्वयंभू है। यहाँ पर मुंबई की प्रसिद्ध बेस्ट बस सेवा से आसानी से आ सकते है।

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भारत के 10 प्रसिद्ध मंदिर से जुड़े प्रश्न

भारत का सबसे धनी मंदिर कौन सा है?

भारत के सर्वाधिक धनी मंदिर की लिस्ट में पद्मनाभं स्वामी का मन्दिर को पहला स्थान मिला है। यह मंदिर देश के दक्षिणी भाग के राज्य केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में है।

भारत में कुल कितने मंदिर होंगे?

भारत मंदिरो का देश है इस प्रकार से कहना तो मुश्किल होगा की यहाँ कितने मंदिर है। किन्तु एक अनुमान के मुताबिक भारत में 20 लाख से भी अधिक मंदिर है।

दुनिया का सबसे बड़ा हिन्दू मंदिर कहाँ है?

यह मंदिर कम्बोडिया में बना है और यह 16,26,000 वर्ग मीटर (402 एकड़) के क्षेत्रफल में फैला है। यह हिन्दू मंदिर अंकोर नामक स्थान में है जोकि पहले यशोधरपुर कहलाता था।

सोमनाथ मंदिर की संम्पत्ति कितनी है?

सोमनाथ मंदिर की कुल संपत्ति 90,000 करोड़ रुपए आंकी जाती है। यह मंदिर हिन्दुओ के आराध्य देव भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग में से एक मंदिर है।

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