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महाराष्ट्र में जो भी नागरिक संपत्ति खरीदता है तो उसे स्टाम्प ड्यूटी शुल्क एवं रजिस्ट्रेशन शुल्क को अदा करना पड़ता है। इनके भुगतान के लिए आपको आइजीआर महाराष्ट्र की जरुरत होगी। IGR Maharashtra का काम इस प्रक्रिया की निगरानी करना है। हमारे देश के ज्यादातर राज्यों ने अपने नागरिको के लिए संपत्ति से जुड़े विवरणों को सरलता से खोजने के लिए ऑनलाइन वेबपोर्टल लॉन्च किये हुए है। सभी जरुरतमंद नागरिक इन वेबपोर्टलों पर पंजीकरण करने के बाद सपत्ति मूल्यांकन, स्टाम्प ड्यूटी गणना, मलिकाना वेरिफिकेशन एवं अन्य जरुरी सर्विसेज पा सकते है।

महाराष्ट्र में भी आईजीआर का वेबपोर्टल इसी प्रकार की ऑनलाइन सेवाएँ देता है। इस वेबपोर्टल पर नागरिक कुछ ही विकल्पों को चुनने के बाद जमीन-बिल्डिंग से जुडी जानकारी ले सकता है।

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Table of Contents

आईजीआर महाराष्ट्र क्या है?

आईजीआर महाराष्ट्र में रजिस्ट्रेशन एवं टिकट के महानिरीक्षक का ऑफिस है। आइजीआर महाराष्ट्र प्रॉपर्टी पेपर्स के रजिस्ट्रेशन, स्टाम्प ड्यूटी के अदायगी, प्रॉपर्टी का मूल्यांकन, प्रॉपर्टी टैक्स की गणना, स्टाम्प शुल्क की गणना, स्टाम्प शुल्क एवं रजिस्ट्रेशन फीस की अदायगी, स्टाम्प शुल्क की वापसी एवं शादी के रजिस्ट्रेशन इत्यादि सर्विसेज के लिए जिम्मेदार है। नागरिको को यह सभी जरुरी सेवाएँ देने के लिए पंजीकरण एवं टिकट विभाग, महाराष्ट्र सरकार ने रजिस्ट्रेशन एवं टिकेटों के महानिरीक्षक (IGRS) के लिए एक वेबपोर्टल तैयार किया है। इसके बाद से पेपर्स के रजिस्ट्रेशन के लिए उप-पंजीयन ऑफिस में जाने की जरुरत कम हो गयी है। यह वेबपोर्टल अंग्रेजी एवं मराठी भाषाओं में सेवाएं देता है।

आईजीआर महाराष्ट्र: ऑनलाइन सेवाएं

आइजीआर पर विभिन्न प्रकार की सेवाएँ दी जा रही है जिन्हे जरूरतमंद वेबपोर्टल पर आकर ले सकते है, जैसे कि –

  • प्रॉपर्टी का ई-पंजीकरण (सिर्फ पहली बिक्री)
  • सब-रजिस्ट्रार टाइम स्लॉट बुकिंग
  • बंधक विलेख ई-फाइलिंग (बैंकों और यूजर्स के लिए)
  • संपत्ति का मूल्यांकन
  • स्टाम्प शुल्क आवेदन एवं इससे जुडी सेवाएँ जैसे – रिफण्ड इत्यादि।
  • विवाह लाइसेंस

स्टाम्प ड्यूटी की गणना करना

सरकार के साथ क़ानूनी रूप से दस्तावेज रजिस्ट्रेशन करने पर स्टाम्प ड्यूटी के रूप में टैक्स देना होता है। इस टैक्स को विभिन्न कागजो के द्वारा चुकाया जाता है। इनमे से कुछ में प्रॉपटी बिक्री समझौता, लीव एवं लाइसेंस समझौता, गिफ्ट विलेख एवं बंधक विलेख सम्मिलित है। महाराष्ट्र में स्टाम्प ड्यूटी को प्रॉपर्टी की पूरी लेनदेन की कीमत का 3 से 6 प्रतिशत रखा गया है। यह पेपर्स के प्रकार, क्षेत्र एवं अन्य बातों के अनुसार अलग-अलग होता है। आइजीआर ऑनलाइन वेबपोर्टल पर स्टाम्प ड्यूटी की गणना की सुविधा देता है। स्टाम्प शुल्क IGR महाराष्ट्र की वेबसाइट पर तय कर सकते है। ऑनलाइन वेबपोर्टल पर स्टाम्प ड्यूटी की गणना को नीचे दिए चरण के अनुसार गणना करे –

  • सबसे पहले आपको आधिकारिक वेबपोर्टल को ओपन करना है।
  • वेबपोर्टल के होम पेज पर ऑनलाइन सेवा क्षेत्र में “स्टाम्प ड्यूटी कैलकुलेटर” विकल्प है, इस बटन हो दबा दें।
  • इसके बाद नया वेब पेज खुलेगा, अगर आपका दस्तावेज एक विक्रय विलेख है तो आपको “सेल डीड” विकल्प को चुनना है।और यदि बेचने का समझौता है तो आपको “बेचने के समझौते’ को चुनना है।
  • यदि आपका दस्तावेज़ अनुमति एवं लाइसेंस हो तो आपको “अनुमति एवं लाइसेंस” को चुनना है।
  • अपने दस्तावेज़ के प्रकार को चुन लेने के बाद आपको अपने इलाके की नगर पालिका को चुनना है।
  • इसके बाद आप प्रतिफल की राशि एवं बाजार मूल्य राशि को दर्ज़ कर दें।
  • अब आपको “Calculate” बटन को दबाना है तो आपके स्क्रीन पर स्टाम्प ड्यूटी की जानकारी दिखेगी।

स्टाम्प शुल्क एवं रजिस्ट्रेशन शुल्क का भुगतान

यदि आप एक बार ऊपर बताये गयी प्रक्रिया से स्टाम्प ड्यूटी के शुल्क की गणना कर लेते है तो आपको आईजीआर महाराष्ट्र वेबपोर्टल पर जाकर इसका भुगतान कर सकते है। भुगतान को वेबपोर्टल पर उपलब्ध सरकारी रसीद लेखा प्रणाली के द्वारा किया जा सकेगा। इसके साथ ही लागू होने वाले पंजीकरण फीस को भी आईजीआर महाराष्ट्र के द्वारा अदा कर सकेंगे। आप अपनी इच्छा के अनुसार ऑफलाइन भी शुल्क का भुगतान कर सकते है। स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन फीस का ऑनलाइन भुगतान निम्न प्रकार से करना होगा –

  • सबसे पहले आपको ग्रास महाराष्ट्र वेबपोर्टल https://gras.mahakosh.gov.in/igr/frmIndex.php को ओपन करना है।
  • वेबपोर्टल पर पंजीकरण महानिरीक्षक टैब को चुनना है।
  • आपको नया वेबपेज पर री-डॉयरेक्ट किया जायेगा।
  • यदि आपका वेबपोर्टल पर अकाउंट नहीं है तो आपको “पंजीकरण के बिना भुगतान” विकल्प को चुन लें।
  • आपको अगले वेबपेज में मांगे जा रही जानकारी दर्ज़ करनी है।
  • अब करने वाले जरुरी भुगतान को चुन लें – केवल स्टाम्प शुल्क, सिर्फ रजिस्ट्रेशन फीस, स्टाम्प शुल्क और रजिस्ट्रेशन शुल्क दोनों एक साथ।
  • संपत्ति के जिले को चुन लें, सम्पति से सम्बंधित उप-पंजीयक कार्यालय को चुने एवं दस्तावेजों का प्रकार को चुन लें।
  • गणना की गयी स्टाम्प फीस की राशि को दर्ज़ कर लें। अगर अपने रजिस्ट्रेशन फीस का विकल्प भी चुना है तो आपको रजिस्ट्रेशन फीस को भी दर्ज़ करना होगा।
  • रजिस्ट्रेशन फीस प्रमाण-पत्र में वर्णित प्रतिफल मुलही का 1 प्रतिशत है।
  • प्रॉपर्टी और क्रेता-विक्रेता के जरुरी विवरण दर्ज़ करें।
  • अपने लिए उपर्युक्त भुगतना का तरीका चुन लें, जैसे – डेबिट-क्रेडिट कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग।
  • जिन लोगों के पास यह सब सुविधा नहीं है वो वेबपोर्टल से चालान प्राप्त करके चुने गए बैंक में जा कर कैश अथवा चेक से भुगतान कर सकते है।
  • इसके बाद “आगे बढ़ें” विकल्प को चुन लें।

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वेबपोर्टल पर संपत्ति विवरण खोजना

यदि आप महाराष्ट्र की किसी भी संपत्ति की विस्तृत जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो आप आईजीआर महाराष्ट्र वेबपोर्टल पर निःशुल्क खोज की मदद से प्राप्त कर सकते है। वेबपोर्टल से साल 1985 के बाद से मुंबई एवं इसके उपनगरीय सीमाओ में रजिस्टर्ड किसी भी सम्पत्ति की जानकारी ले सकते है। साल 2002 सर्वाधिक शुरूआती साल है जिसमें मुंबई के अतिरिक्त दूसरे क्षेत्रों के लिए जानकारी मिलेगी। इस प्रकार से मुंबई के अतिरिक्त सीमित संख्या में विभिन्न क्षेत्रों की साल 1985 से 2002 तक की जानकारी भी मिलेगी। संपत्ति विवरण खोजने का तरीका निम्न है –

  • सबसे पहले आईजीआर महाराष्ट्र के वेबपोर्टल को ओपन कर लें।
  • वेबपोर्टल के होम पेज पर “ई-सर्च” विकल्प को चुने और एक निःशुल्क प्रक्रिया को चुने।
  • यदि आपने वेबपोर्टल पर पंजीकरण नहीं किया है तो आपको वेबपोर्टल पर एक अकाउंट बनाना है।
  • अकाउंट बन जाने के बाद आपको वेबपोर्टल पर लॉगिन बटन को चुनकर अपने लॉगिन क्रेडेंशियल दर्ज करने है।
  • एक बार वेबपोर्टल लॉगिन हो जाने के बाद आपको मुंबई एवं अन्य नगरीय क्षेत्रों या फिर महाराष्ट्र से संपत्ति के स्थान का चुनाव करना है।
  • यदि रजिस्ट्रेशन का साल,जिला, तहसील, गाँव एवं संपत्ति की संख्या और विशिष्ट संपत्ति संख्या नहीं है तो सर्वेक्षण, भूखण्ड अथवा सीटीएस संख्या को दर्ज करना है और नीचे दी गई लिस्ट से संपत्ति को चुने।
  • लिस्ट में से यही संपत्ति को चुने और रजिस्ट्रेशन की जानकारी के साथ पीडीएफ फाइल भी डाउनलोड कर सकते है।

स्टाम्प ड्यूटी को रिफण्ड करना

संपत्ति के मामले में महाराष्ट्र स्टाम्प एक्ट 1958 सभी नागरिको को ख़रीदे गए टिकटों को वापस करने का अधिकार देता है। अगर इसके प्रयोग का उद्देश्य कैंसिल हो जाता है अथवा इस्तेमाल करने से पहले स्टाम्प को क्षति हो जाती है या फिर इसका ज्यादा भुगतान किया जाता है। इन स्थितियों में पैसे को वापिस पाने के लिए आवेदन करना होगा और तय प्रारूप के मुताबिक सही समय के अंदर जरुरी प्रमाण-पत्रों को संलग्नित करके यह स्टाम्प जिस कलेक्टर से ख़रीदे थे वही जमा करने होंगे। स्टाम्प ड्यूटी शुल्क की वापिसी के लिए निम्न प्रमाण-पत्र जरुरी होंगे –

  • टोकन भरने की ऑनलाइन डिटेल्स
  • असली मुहर के साथ प्रमाण-पत्र
  • व्यक्ति का शपथ पत्र, अगर स्टाम्प हाथ से ख़रीदा होगा।
  • अधिकृत पत्र अथवा पावर ऑफ अटॉर्नी की वेरिफाइड कॉपी (अगर धन वापस आपने के लिए आवेदन किया है)

अगर टिकट को प्रैंकिंग से ख़रीदा है तो

  • फ्रेंचाइसी स्टाम्प डीलर का चालान, सरकार को स्टाम्प शुल्क जमा करना।
  • स्टाम्प बिक्री प्रमाण-पत्र अथवा स्टाम्प बिक्री रजिस्टर का अंश।

स्टाम्प ड्यूटी रीफण्ड आवेदन प्रक्रिया

  • सबसे पहले आपको आईजीआर महाराष्ट्र के आधिकारिक वेबपोर्टल को ओपन करना है।
  • वेबपोर्टल के होम पेज पर “स्टाम्प ड्यूटी रिफंड” टैब को चुन लें।
  • विकल्प को चुनने के बाद आपको नए वेब पेज पर री-डायरेक्ट किया जायेगा।
  • आपने रिफंड टोकन नंबर और पासवर्ड दर्ज़ करके के बाद “स्थिति देखें” बटन को दबा दें।
  • आपको राशि के वापसी की स्थिति स्क्रीन पर दिखेगी।

संपत्ति पंजीकरण दस्तावेज को खोजना

  • सबसे पहले आपको आईजीआर महाराष्ट्र वेबपोर्टल को ओपन करना है।
  • वेबपोर्टल के होम पेज पर “ई-सर्च” विकल्प को चुन लें और “फ्री प्रोसेस” चुने।
  • नए वेब पेज में आपको वह स्थान चुनना है जहाँ संपत्ति मौजूद हो और इसका डेटा दर्ज़ करें। जैसे – संपत्ति पंजीकरण वर्ष जिला, गाँव अथवा सर्वेक्षण नंबर इत्यादि।
  • अब आपने “खोज” बटन को दबाना है और आपको परिणाम मिल जायेगा।

अपने रजिस्टर कार्यालय की डिजिटल कॉपी पाना

  • आईजीआर महाराष्ट्र के वेबपोर्टल को खोले और “ई-सर्च” विकल्प को चुन लें।
  • आपको एक ड्राप-डाउन मेनू मिलेगी और आपने “सशुल्क” विकल्प को चुनना है।
  • इससे आपको वेबपोर्टल पर ऑनलाइन प्रमाण-पत्र खोजने की अनुमति मिलेगी।
  • आपको वेबपोर्टल के लिंक पर जाना है और एक नया वेब पेज मिलेगा।
  • अब जिले का चुनाव करें और क्षेत्र से 3 वर्ण दर्ज़ करके “Submit” बटन को दबाना है।
  • इसके बाद माँगी जाने वाली जानकारी को चुनकर “Search” बटन दबा दें।
  • आपको रिजल्ट दिखाई देंगे।
  • आपने महाराष्ट्र आइजीआर वेबपोर्टल पर ऑनलाइन सेवाओं के लिंक के अंतर्गत “ई-भुगतान” विकल्प को चुनना है।

आईजीआर महाराष्ट्र : इंडेक्स 2 क्या है?

आरक रजिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट के माध्यम से सम्पति के लेनदें के आधिकारिक रिकॉर्ड के रूप में इंडेक्स-2 जारी करते है। यह रजिस्ट्रेशन प्राधिकारी के रिकॉर्ड में दर्ज होता है। इस दस्तावेज से यह प्रमाणित होता है कि संपत्ति का लेनदेन पूर्ण हो चुका है। इंडेक्स-2 में निम्न जानकारी होती है –

  • दस्तावेज का प्रकार जैसे बिक्री डीड, बिक्री का समझौता, उपहार डीड, ट्रान्सफर, बंधक डीड, विनिमय संपत्ति इत्यादि।
  • प्रॉपर्टी की प्रतिफल राशि।
  • प्रॉपर्टी के विवरण, जैसे – नगरपालिका क्षेत्राधिकार, क्षेत्र एवं उप-क्षेत्र स्थान चिन्ह के साथ, संपत्ति का विवरण जैसे – CTS नंबर, सर्वेक्षण नंबर, हिसा नंबर, गैट नंबर, मंजिल नंबर आदि।
  • संपत्ति का निर्मित क्षेत्र (वर्ग मीटर में)
  • प्रॉपर्टी का प्रकार जैसे – जमीन, आवासीय बिल्डिंग (कमरा/ फ्लैट/ बंगला), वाणिज्य प्रॉपर्टी (ऑफिस या दुकान) एवं औद्योगिक बिल्डिंग।
  • सम्पति से जुडी पार्टियों के नाम – विक्रेता, हस्तान्तरणकर्ता, अंतरिती, समनुदेशक – समनुदेशीति इत्यादि।

आईजीआर महाराष्ट्र : सूचकाँक 1, 2, 3 और 4

  • इंडेक्स 1 एवं 2 को अचल संपत्ति के लिए तैयार किया जाता है।
  • प्रॉपर्टी से जुड़ी पार्टियों के नामों में से पहले अक्षर के अनुसार इंडेक्स 1 तैयार करते है।
  • इंडेक्स 2 में गांव के नाम से अनुसार प्रमाण-पत्र तैयार होता है।
  • इंडेक्स 3 को विल्लेस के लिए तैयार करते है।
  • इंडेक्स 4 को चल प्रॉपटी के लिए तैयार करते है।

आईजीआर महाराष्ट्र वेबपोर्टल से सम्बंधित प्रश्न

आईजीआर महाराष्ट्र वेबपोर्टल क्या है?

आईजीआर महाराष्ट्र पंजीकरण महानिरीक्षक और स्टाम्प नियंत्रक का नोडल ऑफिस है। ये सरकारी रिकॉर्ड में प्रॉपर्टी से जुड़े एवं दूसरे प्रमाण-पत्रों को दर्ज़ करने की जिम्मदारी रखता है।

आईजीआर वेबपोर्टल किस भाषा में उपलब्ध है?

यह वेबपोर्टल अंग्रेजी और मराठी भाषा में सेवाएँ देता है।

कोई नागरिक महाराष्ट्र में अपनी सरकारी संपत्ति की जाँच कैसे कर सकता है?

आपको आइजीआर महाराष्ट्र वेबपोर्टल पर ई-एएसआर विकल्प के अंतर्गत सरकारी जमीन की जाँच करनी है।

आईजीआर प्रक्रिया क्या है?

यह प्रदेश सरकार का प्राधिकरण है जिसमे सभी अचल सम्पत्तियों के रजिस्ट्रेशन की जरुरत होती है।

संपत्ति के समझौते में इंडेक्स 2 क्या है?

इंडेक्स-2 को उप-पंजीयक ऑफिस के माध्यम से जारी करते है, इसमें संपत्ति के लेनदेन से जुड़े सभी डिटेल्स होते है।

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