Bihar Bhumi – बिहार सरकार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग -biharbhumi.bihar.gov.in

Bihar Bhumi बिहार में भूमि से सम्बंधित सभी व्यवस्थाओं को बिहार सरकार का राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग देखता है। इस विभाग के अंतर्गत ही जमीन से जुड़े सभी कार्य जैसे जमीन की रजिस्ट्री, भू नक्शा, भूमि खसरा, म्यूटेशन आदि कार्य राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा किये जाते हैं।

जमीन से जुड़े सभी कार्य ऑनलाइन माध्यम से सुचारु रूप से किये जा सकें इसके लिए विभाग के द्वारा biharbhumi.bihar.gov.in पोर्टल भी जारी किया गया है, भूमि से सम्बंधित सभी जानकारियाँ इस पोर्टल पर उपलब्ध करवाई गयी हैं।

हम इस लेख में biharbhumi.bihar.gov.in पोर्टल पर दी जाने वाली सभी सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दे रहें हैं। जैसे बिहार खसरा खतौनी, भू नक्शा क्या होता है ये क्या काम आते हैं, और राजस्व/तहसील कार्यालय गए बिना आप इन डॉक्यूमेंट को कैसे ऑनलाइन निकाल सकते हैं।

Bihar Bhumi - बिहार सरकार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग -biharbhumi.bihar.gov.in
बिहार सरकार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग – Government of Bihar Revenue and Land Reforms Department

बिहार सरकार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग

बिहार सरकार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से सम्बंधित सभी काम अब बिहार के नागरिक ऑनलाइन biharbhumi.bihar.gov.in पोर्टल पर जाकर कर सकते हैं।

इससे पहले भूमि सम्बंधित कोई भी कार्य करने के लिए राजस्व विभाग के कार्यालय से संपर्क करना पड़ता था। जिसमे काफी समय और धन की बर्बादी होती थी।

किन्तु अब इस पोर्टल पर काफी सुविधाएँ हैं जिनके माध्यम से भू-अभिलेखों से सम्बंधित कार्य अब ऑनलाइन ही हो जाते हैं।

biharbhumi.bihar.gov.in पोर्टल पर सभी 38 जिलों, उपजिलों और 534 ब्लॉक स्तरीय राजस्व कार्यालयों के सभी अभिलेख उपलब्ध करवाए गए हैं। जिससे आम नागरिको को भू-अभिलेखों से सम्बंधित कार्यों में सुलभता हो गयी है।

साथ ही Bihar Bhumi सम्बंधित कार्य ऑनलाइन हो जानें से कार्यों में पारदर्शिता तथा भ्रष्टाचार भी कम हो रहा है।

बिहार सरकार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग इस पोर्टल (biharbhumi.bihar.gov.in) पर कौन कौन सी सेवाएं हैं, जिनका लाभ आप ले सकते हैं, यहाँ उनकी लिस्ट दी गयी है।

  • ऑनलाइन दाखिल ख़ारिज आवेदन
  • दाखिल ख़ारिज आवेदन स्थिति
  • भू – लगान
  • परिमार्जन
  • जमाबंदी पंजी देखें
  • भू – मानचित्र ( नक्शा )
  • DCLR म्यूटेशन अपील कोर्ट
  • अपना खाता देखें
  • बिहार भूमि न्यायधिकरण
  • ऑनलाइन एल ० पी० सी आवेदन करें
  • एल ० पी ० सी आवेदन स्थिति
  • आम सूचना खास सूचना
आर्टिकलBihar Bhumi
सम्बंधित विभागराजस्व एवं भूमि सुधार विभाग
वर्ष2023
आधिकारिक वेबसाइटयहां क्लिक करें

Bihar Bhumi ऑनलाइन दाखिल ख़ारिज आवेदन करें

दाखिला ख़ारिज क्या होता है – दाखिल ख़ारिज का अर्थ होता है, जब कोई व्यक्ति सम्पति खरीदता है। तो उसको पहले विक्रेता व्यक्ति के नाम को निरस्त करवाना होता है। और (क्रेता) यानि अपने नाम पर दर्ज करवाना होता है, इस प्रक्रिया को ही दाखिल ख़ारिज कहाँ जाता है।

इस प्रक्रिया में वसीयत, बैनामा और सभी छोटे से छोटे जमीन सम्बंधित दस्तावेज एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में स्थानांतरित की प्रक्रिया दाखिल ख़ारिज होती है। अर्थात जिस व्यक्ति के नाम पर भूमि के दस्तावेज होते है, भूमि पर पैतृक अधिकार उसी व्यक्ति का होता है।

दाखिल ख़ारिज में कितना समय लगता है – बिहार में दाखिल ख़ारिज की प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार से की जा सकती है। दाखिल ख़ारिज में लगने वाला समय 45 दिन से 90 दिन के मध्य होता है।

दाखिल ख़ारिज के कार्य –

  • दाखिल ख़ारिज जिस व्यक्ति के द्वारा भूमि खरीदी गयी है, उस व्यक्ति का पैतृक अधिकार साबित करती है।
  • भूमि के मालिक को सभी विवादों से निपटारा दिलाने में अहम योगदान प्रदान करती है।
  • दाखिल ख़ारिज की सहायता से भूमि के मालिक और विक्रेता के मध्य कोई संकोच नहीं होता है।

दाखिल ख़ारिज कैसे करें – अगर आपने कोई जमींन खरीदी है, तो आपको जमीन का दाखिल ख़ारिज करवाने की आवश्यकता होगी। ताकि वो जमींन आपके नाम पर दर्ज हो सके।

इसके लिए आप तहसील कार्यालय में जाकर दाखिल खारिज करवा सकते हैं या फिर आप biharbhumi.bihar.gov.in वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन माध्यम से भी यह काम कर सकते हैं।

अगर आप दाख़िल ख़ारिज से सम्बंधित जानकारी चाहते हैं, या ऑनलाइन दाखिल ख़ारिज कैसे करते हैं। जानना चाहते हैं, तो आप बिहार दाखिल ख़ारिज से सम्बंधित इस लेख को पढ़ें (यहां क्लिक करें)

यदि आप बिहार राज्य के स्थायी निवासी है, और आपने भूमि हेतु मालिकाना दर्ज के लिए दाखिल ख़ारिज किया है। तो उसकी स्थिति जानने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की अधिकारिक वेबसाइट पर चेक कर सकते है।

भू – लगान

भू – लगान क्या होता है – यह एक कर होता है, जो सरकार के द्वारा उस भूमि के लिए लिया जाता है, जिसका आप वर्तमान में उपयोग करते है। सरकार द्वारा यह कर फसल की एक तिहाई से लेकर कुछ निर्धारित राशि तक लिया जाता है।

भू – लगान पोर्टल के लाभ

  • भू – लगान पोर्टल पर सभी सुविधाएं ऑनलाइन प्राप्त की जा सकती है।
  • स्थायी निवासियों को भू – ;लगान जमा करने के लिए सरकारी दफ्तर चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
  • घर बैठे भू – लगान से सम्बंधित सभी कार्य किये जा सकते है।
  • राज्य के लोगों के समय और पैसे की बचत होगी।

भू – लगान ऑनलाइन जमा कैसे करें – यदि आप बिहार के स्थायी निवासी है, और आप को भी सरकार को भूमि कर देना है। तो आप इसे ऑफलाइन जमा करवा सकते है, या ऑनलाइन के माध्यम से भी जमा कर सकते है।

अगर आप भू – लगान से सम्बंधित जानकारी या ऑनलाइन जमा करने की प्रक्रिया जानना चाहते है। तो बिहार भू – लगान सम्बंधित लेख को पढ़ें। ( यहाँ क्लिक करें )

Bihar Bhumi परिमार्जन

परिमार्जन क्या है – परिमार्जन का अर्थ होता है, यदि आपकी जमाबंदी, खसरा, खतौनी में या रसीद में किसी भी प्रकार की कोई गलती हो जाती है। तो वह परिमार्जन पोर्टल के माध्यम से सुधारी जा सकती है।

परिमार्जन पोर्टल बिहार सरकार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट है। इस पोर्टल पर यदि खरीददार, विक्रेता खाता, रकबा, खेसरा, जमाबंदी में सुधार करना हो तो परिमार्जन पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है।

परिमार्जन पोर्टल पर ऑनलाइन सुधार कैसे करें – अगर आप अपनी जमाबंदी, विक्रेता खाता आदि में सुधार करना है, तो आप इसको ऑनलाइन के माध्यम से कर सकते है।

यदि आप बिहार परिमार्जन से सम्बंधित और भी जानकारी प्राप्त करना चाहते है। तो आपको आप बिहार परिमार्जन सम्बंधित लेख को पढ़ें। ( यहाँ क्लिक करें )

जमाबंदी पंजी देखें

जमाबंदी पंजी क्या है – भूमि के दस्तावेजों को ही जमाबंदी पंजी कहाँ जाता है, इससे यह पता चलता है। वर्तमान समय में भूमि का मालिक कौन है। और जमाबंदी संख्या तथा जमीं के मालिक के बारे में सभी जानकारी जमाबंदी पंजी में ही दर्ज होती है।

रजिस्टर 2 क्या है – रजिस्टर 2 में जमीन और जमीन के मालिक की सभी जानकारी होती है। पहले यह कार्य ऑफलाइन दफ्तरों में हुआ करते थे, पहले बिहार तहसील पर एक रजिस्टर 2 होता था। जिसमें किसान तथा जिन व्यक्तियों के पास जमीन होती है, उनकी सम्पूर्ण जानकारी होती थी।

आज के समय में तो सभी दस्तावेज कार्य डिजीटली के माध्यम से किये जाते है, इसी प्रकार से अब रजिस्टर 2 की भी सभी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध करवाई जाती है।

बिहार जमाबंदी पंजी कैसे देखें – अगर आप बिहार के स्थायी निवासी है, और आप अपनी जमाबंदी पंजी ऑनलाइन के माध्यम से देखना चाहते है। तो आप ऑनलाइन के माध्यम से देख सकते है।

यदि आप जमाबंदी पंजी से सम्बंधित और भी जानकारी प्राप्त करनी है, तो आप बिहार जमाबंदी पंजी देखें लेख को पढ़ें।
( यहाँ क्लिक करें )

Bihar Bhumi भू – नक्शा

भू – नक्शा क्या है – किसी जिले, राज्य, तहसील और गाँव में भूमि या खेत के माप के लिए उसको एक चित्र के द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। उस चित्र को ही भू – मानचित्र या नक्शा कहाँ जाता है।

भू – नक्शा ऑनलाइन के माध्यम से बनाया जाता है। राज्य के सभी लोग लैपटॉप, कंप्यूटर की सहायता से भू – मानचित्र बनवा सकते है। ऑनलाइन भू – नक्शा बनवाने से राज्य के लोगों के समय और पैसे दोनों की बचत होती है।

बिहार भू – मानचित्र को राज्य के यूजरस को ऑनलाइन देखने और डाउनलोड करने की सुविधा प्राप्त है।

भू – मानचित्र ऑनलाइन कैसे देखें – यदि आप बिहार राज्य के स्थायी निवासी है, और ऑनलाइन के माध्यम से भू – नक्शे से सम्बंधित सभी जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो आप बिहार भू – मानचित्र लेख देखें। ( यहाँ क्लिक करें )

DCLR म्यूटेशन अपील कोर्ट

DCLR म्यूटेशन क्या है – DCLR का पूरा नाम भूमि सुधार उप समाहर्ता ( Land Reforms Deputy Collector ) है।

दाखिल ख़ारिज अगर रिजेक्ट कर दिया जाता है, तो उसको 30 दिन के भीतर भूमि सुधार उप समाहर्ता कोर्ट में दर्ज करवाने का प्रावधान है।

इसके उचित कारण होने पर डीसीएलआर के द्वारा आवेदन स्वीकृति को एक माह की सीमा तक बढ़ाने का अधिकार है। म्यूटेशन से जुड़े सभी कार्यों को सरकार के द्वारा ऑनलाइन कर दिया गया है।

Bihar Bhumi अपना खाता देखें

बिहार अपना खाता पोर्टल राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अंतर्गत आता है। इस पोर्टल पर भूमि से सम्बंधित सभी जानकारी लिखित रूप में दर्ज होती है।

भू – लेख को विभिन्न नामों से जाना जाता है – जमाबंदी, भूमि अभिलेख, भूमि का ब्यौरा, भूमि का कागजात, खाता आदि। इस पोर्टल की सहायता से भूमि नक्शा से सम्बंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

इसके साथ ही अपना खाता पोर्टल को लोन लेने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है।

बिहार अपना खाता पोर्टल के लाभ –

  • पोर्टल की सहायता से घर बैठे भूमि से सम्बंधित सभी आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते है।
  • खसरा, खतौनी, जमाबंदी, खाता आदि ऑनलाइन प्रिंट निकाल सकते है।
  • पोर्टल पर अपना खसरा नंबर और जमाबंदी नंबर दर्ज करके भू – मानचित्र प्राप्त कर सकते है।
  • घर बैठे अधिकार अभिलेख देखने से लोगों के समय और पैसे की बचत होगी।

बिहार अपने खाते की जांच कैसे करें – अगर आप बिहार के स्थायी निवासी है, और आप अपनी भूमि जमाबंदी, खसरा आदि की जांच करना चाहते है। तो आप आधिकारिक वेबसाइट की सहायता से ऑनलाइन देख सकते हो।

यदि आप बिहार अपने खाते से सम्बंधित सभी और जानकारी चाहते है, तो आप बिहार अपना खाता लेख को देखें।
( यहाँ क्लिक करें )

Bihar Bhumi खसरा – भूमि खसरा इसलिए दिया जाता है, जिससे भूमि से सम्बंधित सभी रिकॉर्ड की जानकारी प्राप्त हो सकें। भूमि खसरे में एक प्रकार का नंबर दिया जाता है, जो आवंटित रूप से भूमि की पहचान कर सकता है।

जब गांव में प्रशासनिक आधिकारिक भूमि या खेत का नक्शा लेते है, तो उस जमीन के मालिक को भूमि का खसरा नंबर देते है जिससे भूमि की सभी जानकारी जानने में आसानी हो जाती है।

इसी प्रकार से शहरी क्षेत्र में अधिकारियों के द्वारा प्लाट नंबर या सर्वे नंबर दिए जाते है। अर्थात खसरा और प्लाट / सर्वे नंबर एक सामान ही होते है।

Bihar Bhumi खतौनी – खतौनी एक प्रकार का एक दस्तावेज होता है, जिसमे खसरा नंबर, भूमि के मालिक की जानकारी, भूमि या खेत का क्षेत्रफल आदि जानकारी होती है।

अर्थात खतौनी में किसी व्यक्ति और उसके परिवार के पास सम्पूर्ण भूमि का वर्णन होता है। खतौनी के माध्यम से किसी व्यक्ति की सम्पूर्ण भूमि का पता लगाया जा सकता है।

Bihar Bhumi न्यायधिकरण

भूमि न्यायधिकरण और मुआवजा अधिनियम ( एनआई ) के द्वारा 1964 में स्थापित किया गया था। यह एक विशेष प्रकार का न्यायधिकरण होता है। जोकि यह एक अदालत है, इसमें जो व्यक्ति मूल्यांकन करता है, और कानून दोनों शामिल होते है।

बिहार राज्य कृषि प्रधान देश है, वहा की 70% जनता कृषि व्यवसाय पर निर्भर है। भूमि अगर व्यवसाय के क्षेत्र में उपयोगी है, तो भूमि को लेकर बहुत विवाद भी उत्पन्न होते है। जिससे राज्य के विकास पर भी प्रभाव पड़ता है।

जनता के हित और लोगों के भूमि विवाद को समाप्त करने के लिए सरकार ने बिहार भूमि न्यायधिकरण का गठन किया था।

ऑनलाइन एल ० पी० सी आवेदन करें

एल ० पी० सी क्या है – LPC का पूरा नाम Land Possession Certificate ( भूमि कब्ज़ा प्रमाण पत्र ) है। यह एक दस्तावेज होता है, जो जमीन के मालिक के प्रमाण या सबूत के रूप में जारी किया जाता है।

यह प्रमाण पत्र बताता है की व्यक्ति के पास कितनी भूमि है, और उसकी भूमि का कितना डाटा सरकार के पास दर्ज है।

भूमि के खसरा, रकवा, खतौनी, खाता, थाना नंबर आदि ऑनलाइन LPC सर्टिफिकेट पर दर्ज किया जाता है। जिससे राज्य सरकार और राजस्व विभाग को भूमि, खेत की सभी जानकारी प्राप्त होती है।

इस सर्टिफिकेट का उपयोग बहुत सी जगह किया जाता है, जैसे सब्सिडी लेने में, बैंक से लोन लेने आदि में LPC सर्टिफिकेट का उपयोग किया जाता है।

एलपीसी सर्टिफिकेट कैसे बनाया जाता है – यदि आप बिहार राज्य के स्थायी निवासी है, और आपके पास अपनी भूमि है। तथा आपको जमीन के मालिकाना हक़ के लिए एलपीसी सर्टिफिकेट बनवाना है। आप इसको ऑनलाइन के माध्यम से बनवा सकते है।

अगर आप एलपीसी सर्टिफिकेट से सम्बंधित सभी जानकारी जानना चाहते है, तो बिहार एलपीसी ऑनलइन सर्टिफिकेट को पढ़ें।
( यहाँ क्लिक करें )।

एल ० पी ० सी आवेदन स्थिति

एल ० पी ० सी आवेदन स्थिति – यदि आपनए एलपीसी के लिए आवेदन किया था, और आप अपने आवेदन की स्थिति को जानना चाहते है। तो आपको बिहार सरकार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।

आम सूचना खास सूचना

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर वित्तीय वर्ष, अंचल, जिला, केस नंबर आदि दर्ज करके अपनी भूमि से सम्बंधित सभी जानकारी प्राप्त कर सकते है।

Bihar Bhumi से सम्बंधित प्रश्न / उत्तर

Bihar Bhumi से सम्बंधित सभी कार्य कौन देखता है?

Bihar Bhumi से सम्बंधित सभी कार्य बिहार सरकार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अंतर्गत होता है।

Bihar Bhumi परिमार्जन किया है ?

परिमार्जन एक पोर्टल है, जिसके माध्यम से अगर भूमि सम्बंधित दस्तावेज में कोई गलती हो जाती है, तो उसका सुधार किया जाता है।

बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री कौन है

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री का नाम अलोक कुमार मेहता है।

बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री कौन है?

बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री नितीश कुमार यादव है।

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