उत्तराखंड सौभाग्यवती योजना / मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना 2021: ऑनलाइन आवेदन, लाभ व रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया

उत्तराखंड सौभाग्यवती योजना उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जी द्वारा शुरू करने की घोषणा की गयी थी। किन्तु अब इसी प्रकार की योजना वर्तमान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना नाम से शुरू की है। इस योजना में प्रदेश की गर्भवती महिलाओं और उनके शिशुओं के स्वस्थ्य व स्वच्छता का ध्यान रखते हुए इसे शुरू किया गया है। ये मुख्यतः ग्रामीण क्षेत्र से सम्बंधित महिलाओं को ध्यान में रखकर लायी गयी है। इस योजना में महिलाओं और उनके नवजात शिशुओं के अच्छे स्वास्थय के लिए प्रदेश सरकार उनके लिए 2 अलग अलग किट उपलब्ध कराएगी। जिसमें उनके स्वछता और स्वास्थ्य के बेहतरी के लिए कपड़े और पौष्टिक आहार से सम्बंधित चीज़ें होंगी। आज हम आप को अपने इस लेख के माध्यम से उत्तराखंड सौभाग्यवती योजना से जुडी सभी आवश्यक जानकारी देंगे। इस के अलावा आप को इस लेख के द्वारा इस योजना में आवेदन करने के बारे में भी बताएंगे। योजना से जुडी पात्रता शर्तें और आवेदन के समय जरूरत पड़ने वाले दस्तावेज़ों की सूची भी उपलब्ध कराएंगे। कृपया इन सभी जानकारियों को जानने के लिए इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें।

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना 2021

Mukhyamantri Mahalaxmi Yojana 2021 की शुरुआत की घोषणा उत्तराखंड सरकार ने माँ और उनके नवजात शिशुओं को ध्यान में रखकर की है। इस योजना के अंतर्गत मां और उसके नवजात शिशु को उनकी साफ़ सफाई और पोषण के लिए अलग अलग किट प्रदान की जाएगी। इस किट में मौसम के हिसाब से कपड़े और पौष्टिक आहार की व्यवस्था होगी। जैसे कि सभी जानते हैं की गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के लिए स्वछता और पौष्टिक आहार बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। इसी बात को ध्यान में रखकर महिलाओं और उनके शिशुओं के लिए राज्य सरकार नै इस योजना के माध्यम से उन्हें किट के रूप में उन्हें ये सुविधा उपलब्ध कराई है। इस से माता और शिशु दोनों ही स्वस्थ और सुरक्षित रहेंगे। इस योजना का सञ्चालन महिला सशक्तिकरण और बाल विकास विभाग द्वारा किया जाएगा।

जैसे की अभी बताया की इस योजना में 2 किट उपलब्ध कराये जाएंगे जिसमें पौष्टिक आहार ही नहीं बल्कि स्वछता किट भी प्रदान किया जाएगा। इस योजना के तहत किट में मौसम के अनुसार स्थानीय कपड़े होंगे साथ ही स्वछता किट में गर्भवती स्त्री के व्यक्तिगत साफ़ सफाई के लिए सभी आवश्यक सामग्री मिल जाएगी। इसके अलावा दूसरे किट में गर्भस्त शिशु के पोषण के लिए माँ को पौष्टिक आहार भी प्रदान किया जाएगा। इस से न केवल उन्हें इस दौरान पौष्टिक आहार मिलेगा बल्कि साफ़ सफाई के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। साथ ही आने वाले समय में इस योजना के चलते माँ और बच्चे की मृत्यु दर में कमी आएगी। इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन ही करना होगा। इसके लिए उन्हें किसी भी कार्यालय में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। आप की जानकारी के लिए बता दें की इस योजना में सरकारी अधिकारी , कर्मचारियों और आयकर देने वालों के परिवार से या उनके आश्रित भाग नहीं ले सकते।

Mukhyamantri Mahalaxmi Yojana 2021 highlights

योजना का नाम मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना
राज्य का नाम उत्तराखंड
सम्बंधित विभाग महिला सशक्तिकरण और बाल विकास विभाग
घोषणा की गयी मुख्यमंत्री उत्तराखंड
उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को स्वछता और पोषण हेतु किट प्रदान करना
लाभार्थी मुख्यतः ग्रामीण महिलाएं
आवेदन मोड ऑनलाइन आवेदन
वर्तमान वर्ष2021
आधिकारिक वेबसाइट अभी जारी नहीं की गयी

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना का उद्देश्य

Uttarakhand Saubhagyavati Yojana 2021 का उद्देश्य गर्भवती माँ और उसके शिशु के स्वास्थ्य और स्वछता की बेहतरी हेतु सुविधा प्रदान करना है। इस योजना के तहत माँ और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए पौष्टिक आहार और उनकी स्वच्छता के लिए कपड़े व अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। ये तो सभी जानते हैं की गर्भावस्था के दौरान एक माँ के लिए उसका स्वास्थ्य और उसकी स्वच्छता बहुत आवश्यक है। लेकिन ग्रामीण इलाकों में विभिन्न कारणों के चलते ऐसा नहीं हो पाता। कभी पैसे की तंगी के चलते गर्भवती स्त्री को सम्पूर्ण पोषण नहीं मिलता तो कभी जानकारी और जागरूकता न होने से स्वच्छता सम्बन्धी समस्याएं भी बनी रहती है। ऐसे में माँ और शिशु के मृत्यु दर का खतरा भी बढ़ जाता है। इसीलिए इन सभी पक्षों पर विचार करते हुए राज्य सरकार ने इस योजन के माध्यम से इन समस्याओं से निजात पाने का रास्ता निकाल है।

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना से होने वाले लाभ
  • इस योजना के तहत उत्तराखंड राज्य की सभी ग्रामीण महिलाओं को लाभ प्राप्त होगा।
  • गर्भवती स्त्री और उनके नवजात शिशुओं के पोषण और स्वच्छता के लिए राज्य सरकार ने ये कदम उठाया है।
  • महिला सशक्तिकरण और बाल विकास विभाग के द्वारा इस स्कीम में माँ और बच्चे के बेहतर स्वास्थय हेतु 2 किट उपलब्ध कराये जाएंगे।
  • 2 में से एक किट स्वच्छता सम्बन्धी होगा और दूसरा माँ और शिशु के सम्पूर्ण पोषण हेतु पौष्टिक आहार की पूर्ती हेतु होगा।
  • इस योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ से न केवल साफ़ सफाई और पोषण मिलेगा बल्कि इस से माँ और शिशु के मृत्यु दर में कमी आएगी।
  • इस किट में मिलने वाले कपड़े मौसम और स्थानीय परिवेश के अनुसार ही दिए जाएंगे।

योजना के तहत किट में मिलने वाली सामग्री

जैसे कि हमने बताया की इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के पोषण और स्वच्छता के लिए अलग अलग किट वितरित किये जाएंगे। उनमे सभी आवश्यक सामग्री प्रदान की जाएगी। आप को बताते चलें कि ये सभी सामग्री सूती के बैग में रखकर वितरित की जाएगी।

गर्भवती महिला के किट में शामिल सामग्री की सूची

  1. गर्भावस्था के दौरान पोषण हेतु –
    • छुआरा – 500 ग्राम
    • गिरी बादाम / सूखी खुमानी / अखरोट – 250 ग्राम
  2. स्वच्छता के लिए (मौसम के अनुकूल कपड़े प्रदान किये जाएंगे )
    • कॉटन साड़ी / गाउन /सलवार सूट -2
    • फुल साइज गर्म शाल – 1
    • कॉटन स्कार्फ़ / गर्म स्कार्फ़ स्टैण्डर्ड साइज – 1
    • जुराब स्टैण्डर्ड साइज – 2 जोड़ी
    • बेडशीट तकिया कवर के साथ – 2
  3. सफाई के लिए प्रयोग में आने वाली सामग्री
    • सैनेटरी नैपकिन 2 पैकेट (8 पीस प्रति पैकेट )
    • लिक्विड हैंडवाश (200 मिलीलीटर )
    • नहाने एवं कपड़े धोने के साबुन (2-2 )
    • नेल कटर 1
    • तेल (नारियल / तिल का तेल / चुल्लू का तेल /सरसों का तेल )

नवजात शिशु के किट में शामिल सामग्री का विवरण

  • मौसम के अनुसार 2 जोड़ी कपड़े (सूती / गर्म ) , टोपी और जुराबें
  • साफ़ सफाई के लिए , 3 बेबी साबुन , एक बेबी आयल , बेबी पाउडर
  • एक कॉटन डायपर पैकेट जिसमें 10 पीस डाइपर होंगे , एक सूती मुलायम बेबी के लिए तौलिया , 2 बेबी ब्लैंकेट गर्म या सूती मौसम के अनुसार दिए जाएंगे , रबर शीट।
मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना उत्तराखंड

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना की पात्रता शर्तें

  • इस योजना के तहत आवेदन करने के लिए ये आवश्यक है कि महिला उत्तराखंड की स्थायी निवासी होनी चाहिए।
  • उस महिला के परिवार में कोई आयकर दाता नहीं होना चाहिए।
  • किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी के आश्रित इस योजना के लाभार्थी नहीं हो सकते।
  • इस योजना के तहत सिर्फ उन गर्भवती महिलाओं और शिशुओं को लाभ मिलेगा जो बीपीएल की श्रेणी में आते हैं।

योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज़

  • पहचान प्रमाण पत्र (आधार कार्ड / वोटर आईडी कार्ड /राशन कार्ड में से कोई भी एक )
  • निवास प्रमाण पत्र (घर के बिजली का बिल , पानी का बिल , राशन कार्ड आदि में से कोई एक )
  • आयु प्रमाण पत्र
  • गर्भवती होने का प्रमाणपत्र ( प्रमाण पत्र के तौर पर आप प्राथमिक चिकित्सा केंद्र या सरकारी अस्पताल के डॉक्टर की पर्ची या कार्ड ले जा सकते हैं। )
  • बीपीएल राशन कार्ड
  • आंगनबाड़ी केंद्र पर पंजीकरण
  • सरकारी अथवा प्राइवेट माता-शिशु रक्षा कार्ड की प्रति (MCP कार्ड)
  • संस्थागत प्रसव प्रमाण पत्र (आंगनबाड़ी – कार्यकर्त्री/आशा वर्कर या चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाण पत्र)
  • प्रथम द्वितीय / जुड़वा कन्या के जन्म हेतु स्वप्रमाणित घोषणा
  • नियमित सरकारी /अर्धसरकारी सेवक तथा आयकरदाता ना होने का प्रमाण पत्र
आवेदन प्रक्रिया

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना के तहत लाभ लेने के लिए इस योजना के अंतर्गत आवेदन करना होगा। आप की जानकारी के लिए बता दें की अभी आवेदन की प्रक्रिया आंगनवाड़ी के माध्यम से ही शुरू की गयी है। इस योजना का लाभ लेने के लिए अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र में जाएँ।

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना से सम्बंधित प्रश्न उत्तर

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना क्या है और इसे कहाँ के लिए चलाया गया है ?

ये योजना उत्तराखंड राज्य सरकार द्वारा चलायी गयी है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं के स्वछता और पोषण के लिए 2 किट प्रदान किये जाएंगे जिसके माध्यम से उनकी गर्भावस्था के दौरान उनका ख्याल रखा जा सकेगा।

Mukhyamantri Mahalaxmi Yojana 2021 कब शुरू की जाएगी ?

महिला सशक्तिकरण और बाल विकास विभाग द्वारा योजना को शुरू कर दिया गया है।

Mukhyamantri Mahalaxmi Yojana 2021 में क्या राज्य की सभी स्त्रियां भाग ले सकती है ?

इस योजन के तहत मुख्यतः ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं ही भाग ले सकती है। या वो महिलाएं जो आयकर दाता , सरकारी अधिकारी / कर्मचारी की आश्रित न हों।

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना में कौन कौन से दस्तावेज़ चाहिए होंगे ?

पहचान प्रमाण पत्र (आधार कार्ड / वोटर आईडी कार्ड /राशन कार्ड में से कोई भी एक )
निवास प्रमाण पत्र (घर के बिजली का बिल , पानी का बिल , राशन कार्ड आदि में से कोई एक )
आयु प्रमाण पत्र ,गर्भवती होने का प्रमाणपत्र ( प्रमाण पत्र के तौर पर आप प्राथमिक चिकित्सा केंद्र या सरकारी अस्पताल के डॉक्टर की पर्ची या कार्ड ले जा सकते हैं। )
बीपीएल राशन कार्ड

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