प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) 2023: मुख्य तथ्य, उद्देश्य, लक्ष्य व कार्यान्वयन प्रक्रिया

ग्रामीण क्षेत्रों में सभी मौषम में घरों तक पहुँच प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को शुरू किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़के उनके लिए आर्थिक एवं सामाजिक सेवाओं तक पहुँच बढ़ाने का मुख्य घटक है। और इससे देश के कृषि एवं उत्पादन के मौको में बढ़ोत्तरी होती है। ये गाँवों की स्थाई गरीबी एवं विपन्नता को दूर करने का भी काम करती है। सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाओं को क्रियान्वित करने के बाद भी सिर्फ 40 प्रतिशत घरो से ही आल वेदर रोड को जोड़ने में सफलता मिल पाई है।

ये बात ध्यान रखने योग्य है कि जिन भी क्षेत्रों में संपर्क स्थापित किया गया है वहां की सड़को को ऐसी गुणवत्ता का नहीं कहा जा सकता है कि वे आल वेदर रोड की कैटेगरी में आ सकें। ये सड़के पूरी तरह से केंद्र सरकार के द्वारा प्रायोजित होने वाली है और इसके लिए उच्च गति डीज़ल पर उपकार को 50 प्रतिशत इस प्रोजेक्ट के लिए रखे गए है।

योजना का नामप्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
सम्बंधित विभागराष्ट्रीय ग्रामीण आधारभूत संरचना विकास
उद्देश्यग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण
योजना की स्थितिजारी है
कार्यन्वयककेंद्र सरकार
आधिकारिक वेबसाइटhttp://pmgsy.nic.in

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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना 2023:

इस ग्रामीण सड़क परियोजना को देश की केंद्र सरकार ने गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम के एक भाग की तरह से कनेक्टिविटी देने के लिए शुरू किया गया है। केंद्र सरकार ग्रामीण क्षेत्रों की सड़को के नेटवर्क को स्थाई प्रबंधन देने के उद्देश्य से प्रदेश स्तर पर उच्च एवं समान तकनीक एवं प्रबंधन पैमाने से विकास करना चाहती है। सरकारी की तरफ से हर मौषम की सड़क को ग्रामीण क्षेत्रों को देने की स्कीम को साल 2019 से 2022 तक तीसरे चरण को और आगे बढ़ाया गया है। योजना के लख्य को नए बजट के आवंटन के बाद वित्त पोषित पैटर्न के द्वारा प्राप्त किया जायेगा। लोगों को वस्तु एवं सेवा लेने हेतु परिवहन सेवा को प्रदान करने के लिए सड़क योजना गाँवो की सड़क व्यवस्था में सुधार की परिकल्पना करना है।

सरकार की इस ग्रामीण सड़क योजना को वित्तीय आधार पर कवर करना एवं ग्रामीण बाजार केंद्रों, ग्रामीण इलाको की उन्नति को आरामदायक करने की योजना रखी है। इसके अतिरिक्त प्रदेश सरकारे भी इस योजना के अतिरिक्त ग्रामीण सड़को का निर्माण एवं उन्नयन में PMGSY-II एवं PMGSY-II के माध्यम से गाँव के लोगों को लाभांवित करने का प्रयास कर रही है। योजना से ग्रामीण कार्य विभाग एवं प्रदेश के PWD, संरचना एवं कार्यान्वयन की क्वालिटी प्रोसेस को सही अवशोषण क्षमता के निर्माण को सक्षम करना है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के उद्देश्य

  • केंद्र सरकार ने पीएम ग्राम सड़क योजना को साल 2000 में शुरू किया था।
  • देश के सभी छोटे-बड़े गांवों की सड़को को उनके पास के शहरों से जोड़ा जायेगा।
  • सड़क योजना का प्रबंधन ग्राम पंचायत, पंचायत समिति एवं नगर पालिका के नाम के जरिये किया जाना है।
  • साल 2019 में सरकार ने इस योजना का तीसरा फेज शुरू किया था। इसकी घोषणा तत्कालीन केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमरने की थी।
  • योजना के अंतर्गत खराब सड़को वाले ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क मरम्मत का भी काम होगा।
  • योजना के माध्यम से देश के मैदानी क्षेत्रों में करीबन 150 मीटर लम्बे पुल एवं हिमालयी क्षेत्रों में 200 मीटर लम्बे मजबूत पुल भी तैयार किये जायेंगे।
  • ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिको को सड़क निर्माण के बाद जरुरी सेवा लेने एवं अपना विकास करने में मदद होगी।

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सड़क निर्माण योजना की प्लानिंग प्रक्रिया

केंद्र सरकार की सड़क निर्माण योजना को एक प्लानिंग प्रक्रिया के अंतर्गत कार्यान्वित किया जायेगा। सबसे पहले राज्य के जिलों की पंचायत के स्तर पर योजना की प्लानिंग को तैयार किया जायेगा। इसमें इंटरमीडिएट पंचायत, जिला पंचायत एवं राज्य स्तर स्टैंडिंग कमिटी को सम्मिलित किया जायेगा। योजना के संचालन की रुपरेखा को ब्लॉक स्तर पर भी तैयार किया जायेगा। ब्लॉक स्तर मास्टर प्लान कमेटी के द्वारा योजना का निर्माण किया जाना है। ब्लॉक के अंतर्गत existing road network का निर्माण एवं शहरों से ना जुड़ने वाली रोड नेटवर्क की पहचान का काम होना है। इसके बाद रोड नेटवर्क को गाँव से शहरों को जोड़ने की दिशा में कार्य होगा।

ग्रामीण सड़क परियोजना का वार्षिक प्रक्रिया प्लान

  • जिला पंचायत हर साल सड़क के निर्माण कार्य की सूची तैयार करेगी।
  • CNPL के माध्यम से नयी कनेक्टिविटी लिंक को चुनने का काम होगा।
  • नए सड़क लिंक को बनाने के लिए रुट की पहचान होगी।
  • PIC रजिस्टर के द्वारा पत्थर की सड़क की स्थिति को जानने का कार्य होगा।
  • इन सभी कामो के बाद ही सड़क निर्माण के खर्च को तय किया जायेगा।
  • यह रिपोर्ट योजना से जुड़े विभाग में भेजकर फण्ड लेने में मदद करेगी।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का प्रोजेक्ट प्रस्ताव एवं स्वीकृति

  • ग्रामीण विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी को स्थापित किया है।
  • यह एजेंसी पीएम ग्रामीण सड़क योजना के कार्यान्वन में परिचालन एवं प्रबंधन सहायता देगी।
  • एम्पोवेरेद समिति के द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी के परियोजना प्रपोसल का रिव्यु होगा।
  • योजना के सभी अनुग्रहित प्रस्ताव मंत्रालय को स्वीकृति के लिए भेजे जायेंगे।

ग्रामीण सड़क योजना की कार्यान्वयन प्रक्रिया

  • मंत्रालय द्वारा स्वीकृत हो जाने के बाद परियोजना का प्रस्ताव प्रदेश सरकारों को भेजा जायेगा।
  • योजना के लिए राशि का आवंटन प्रदेश सरकार द्वारा किया जायेगा।
  • ये सभी प्रक्रिया पूर्ण हो जाने के बाद एक्सेक्यूटिव समिति योजना के टेंडर को आमंत्रित करेगी।
  • टेंडर के स्वीकार हो जाने के 15 दिनों के बाद ही योजना का काम शुरू हो जायेगा।
  • सड़क निर्माण के कार्य को 9 महीनों के समय में पूरा किया जाना है।
  • किसी अपवाद रूप प्रकरण में सड़क निर्माण अवधि 12 महीनो की हो सकती है।
  • देश के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क निर्माण का कमा 18 से 24 महीनों में पूर्ण किया जायेगा।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की आवेदन प्रक्रिया

सरकार की ग्रामीण सड़क निर्माण योजना के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन करने के लिए आपको नीचे बताये गए चरणों को फॉलो करना है।

आधिकारिक वेबसाइट पर जाना

सबसे पहले आपने योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://pmgsy.nic.in/ को ओपन करना है।

‘आवेदन करें’ विकल्प चुने

वेबसाइट के होम पेज पर आपने “आवेदन करें” विकल्प को चुनना है।

डिटेल्स दर्ज़ करें

नए वेब पेज में आपको मांगी जा रही जानकारियों को दर्ज़ करना है।

दस्तावेज अपलोड करना

इसके बाद आपने जरुरी प्रमाण-पत्रों को अपलोड करके “Submit” बटन दबाना है।

प्रधानमन्त्री ग्रामीण सड़क योजना में फण्ड पॉलिसी

  • योजना के अंतर्गत 2 किस्तों में फण्ड दिया जायेगा।
  • इन किस्तों में परियोजना मूल्य की 50 प्रतिशत राशि ही प्रदान की जाएगी।
  • दूसरी क़िस्त में बची रह गयी राशि को अदा किया जायेगा।
  • फण्ड की दूसरी क़िस्त को पहली क़िस्त के 60 प्रतिशत खर्च होने के बाद और कार्य के 80 प्रतिशत पूर्ण होने के बाद प्रदान की जाएगी।
  • दूसरी क़िस्त को पाने के लिए उपयोगिता प्रमाण पत्र, ऑडिट स्टेटमेंट ऑफ अकाउंट सर्टिफिकेट इत्यादि को देना है।

पीएम ग्रामीण सड़क योजना में ग्रीवांस प्रक्रिया

  • सबसे पहले आपने सड़क योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना है।
  • वेबसाइट के होम पेज पर आपने “Grievance Redressal” विकल्प को चुनना है।
  • आपको एक नए वेबपेज में “Sign In” विकल्प को चुनना है।
  • आपके अपने लॉगिन क्रेडेंटिअल को दर्ज़ करके लॉगिन होना है।
  • वेबसाइट की मेनू से “Lodge Grievance” विकल्प को चुनना है।
  • नए वेब पेज में अपनी शिकायत एवं मांगी जाने वाली जानकारियों को दर्ज़ करने के बाद “Submit” बटन को दबाना है।
  • इस प्रकार से आपको ग्रीवांस दर्ज़ हो जाएगी।

योजना का फीडबैक देना

  • सबसे पहले आपने ग्रामीण सड़क योजना की आधिकारिक वेबसाइट को ओपन करना है।
  • वेबसाइट के होम पेज की मेनू पर आपने “Feedback” विकल्प को चुनना है।
  • आपको नए वेब पेज पर फीड बैक फॉर्म प्राप्त होगा।
  • आपने इस फीडबैक फॉर्म में अपना नाम, ईमेल, सब्जेक्ट इत्यादि के विवरण को देना है।
  • ये सभी कुछ सही प्रकार से दर्ज़ कर लेने के बाद आपने “Submit” बटन दबाना है।
  • इसके बाद आपने फीडबैक फॉर्म के माध्यम से फीडबैक दर्ज़ हो जाएगी।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लाभ

  • ग्रामीण सड़क योजना से देशभर के दुरस्त क्षेत्रों के गाँव आल-वेदर रोड से जुड़ जायेंगे।
  • देश के सभी हॉस्पिटल, स्कूल एवं जरुरी संस्थान इन सड़को के माध्यम से लोगों की पहुँच में आसानी से आ जायेंगे।
  • ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिको को शहर आने-जाने में कम समय लगेगा।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात के लिए अच्छी सड़के तैयार होगी।
  • योजना के प्रावधानों में ग्रामीण सड़कों की मरम्मत एवं नवनिर्मित सड़को के 5 वर्षो में टूटने पर क्षतिपूर्ति होगी।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़े प्रश्न

पीएम ग्रामीण सड़क योजना के क्या उद्देश्य है?

केंद्र साकार ने इस योजना को देश के ग्रामीण क्षेत्रों में आल-वेदर रोड के निर्माण के लिए शुरू किया है। इस प्रकार से देश के हर गांव में बारहमासी प्रयोग होने वाली सड़क निर्मित होगी।

सड़क योजना में काम की क्वालिटी की चेकिंग एवं मॉनिटरिंग कैसे होगी?

ठेकेदार से एक फिल्ड प्रयोगशाला स्थापित करने की अपेक्षा रहेगी। यहाँ पर एजेंसी की देखरेख में सामग्री एवं श्रमिक कार्य की गुणवत्ता का टेस्ट करना होगा। साथ ही प्रदेश सरकार भी जाँच के लिए मॉनिटर तैनात करेगी। केंद्र सरकार भी स्वतंत्र राष्ट्रीय गुणवत्ता मॉनीटर (NQM) की नियुक्ति करेगी।

योजना के अंतर्गत बनने वाली सड़को क देखरेख कैसे होती है?

सड़क निर्माण पूर्ण हो जाने के 5 वर्षो बाद तक नियमित रूप से सड़क निर्माण काम की देखरेख होती रहती है। योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार, सड़क निर्माण के काम के पूर्ण होने के 5 साल बाद सड़क निर्माण के काम की देखरेख के लिए पंचायती राज संस्थाओं (PRI) को ट्रांसफर किया जायेगा।

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