निपुण भारत 2021: कार्यन्वयन प्रक्रिया। NIPUN Bharat। नई गाईडलाइनस पीडीएफ

निपुण भारत 2021:- दोस्तों जैसा की आप सब जानते हैं की हमारे देश की सरकार नई-नई नीतियों व अभियान द्वारा राज्य में शिक्षा को बढ़ावा देने का प्रयास करती रहती है, जिससे देश भर में शिक्षा स्तर को और बेहतर बनाया जा सेकगा, इसके लिए हाल ही में हमारे शिक्षा विभाग द्वारा निपुण भारत योजना का आरम्भ किया है। NIPUN Bharat के माध्यम से सरकार देश के प्रतियेक तीसरी कक्षा के बच्चे को आधारभूत साक्षारता और संखायात्मकता (FLN) के सार्वभौमिक अधिग्रहण को सुनिश्चित करने के लिए एक बहेतर वातावरण का निर्माण करेगी, जिससे छात्रों के बुनियादी ज्ञान को मजबूत किया जा सकेगा, इससे बच्चे NIPUN Bharat अभियान के तहत शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर सकेंगे। इस योजना के माध्यम से छात्रों को क्या लाभ मिल सकेगा, इसकी कार्यन्वयन प्रक्रिया क्या होगी, और इससे जुडी अन्य सभी जानकारी आवेदक हमारे लेख के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे।

निपुण-भारत-योजना

NIPUN भारत योजना 2021 क्या है ?

निपुण भारत योजना जिसका पूरा नाम ( National Initiative For Proficiency in Reading with Understanding & Numeracy) केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना है, जिसे 05 जुलाई 2021 में शिक्षा मंत्रालय के पूर्व शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक जी द्वारा जारी किया गया है, इस योजना का मुख्य लक्ष्य देश भर में ग्रेड-3 के अंत तक सभी बच्चों के साक्षारता व संखायात्मक ज्ञान को बढ़ावा देकर उन्हें वर्ष 2026-27 तक पढ़ने, लिखने व अंकगणित करने की क्षमता हासिल करने के काबिल बनाना है, इससे बच्चे सफलतापूर्वक बुनियादी कौशल प्राप्त करके भविष्य में अपनी आगे की शिक्षा के पाठ्यक्रमों को आसानी से समझ सकेंगे। इसके लिए सरकार द्वारा जारी इस योजना को सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में लागू कर छात्रों का मानसिक विकास किया जाएगा।

NIPUN Bharat Scheme 2021 : Details

योजना का नाम निपुण भारत योजना
शुरुआत की गईपूर्व शिक्षा मंत्री श्री रमेश पोखरियाल निशंक
संबंधित विभाग शिक्षा विभाग
लांच की तारीख5 जुलाई 2021
योजना श्रेणी केंद्र सरकारी योजना
लाभार्थी देश के सभी छात्र/छात्राएँ
उद्द्देश्य ग्रेड 3 तक के बच्चों को आधारभूत साक्षारता
और संखायात्मकता का
ज्ञान प्रदान करना
आधिकारिक वेबसाइट www.education.gov.in

निपुण भारत 2021 कार्यन्वयन

निपुण भारत मिशन जो हमारे देश का पहला ऐसा मिशन बनाया गया है, जो प्री स्कूल के छात्रों की शिक्षा नीव को बेहतर बनाने में देश के सभी सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयों के छात्रों को सहयोग देगा। यह योजना राष्ट्रिया शिक्षा निति (NEP) 2020 को लागू करने व इसे कार्यन्वयन करने के लिए आरम्भ की गई है, इस योजना का संचालन स्कूल शिक्षा व साक्षारता विभाग द्वारा किया जाएगा, जिसके माध्यम से देश के सभी राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों में पाँच स्तरीय (राष्ट्रिय-राज्य-जिला-ब्लॉक-स्कूल स्तर) तंत्र तैयार किये जाएँगे, जो समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत चलाए जाएँगे। इन पाँच स्तरीय तंत्रों में नोडल विभाग अधिकारीयों द्वारा योजना के कार्यन्वयन पर नजर रखी जाएगी।

इसके लिए वार्षिक निगरानी सर्वेक्षण व समवर्ती निगरानी द्वारा योजना का संचालन कर बच्चों को तीसरी कक्षा तक न केवल ज्ञान प्रदान करने में सहयोग किया जाएगा, इसके अलावा कक्षा चौथी व पाँचवी के उन छात्रों को भी व्यक्तिगत शिक्षक मार्गदर्शन व आयु-उपयुक्त श्रेणी बद्ध सामग्री व सहयोग दिया जाएगा, जिन्हे उपयुक्त मूलभूत कौशल प्राप्त नहीं है, इससे उन छात्रों को भी पढ़ने लिखने व अंक गणना करने जैसे कार्यों में किसी तरह की समस्या उत्पन्न नहीं होगी।

NIPUN Bharat का उद्देश्य

सरकार द्वारा निपुण भारत मिशन को देश भर में आरम्भ करने के मुख्य उद्देश्य देश के आने वाले भविष्य यानी प्राइमरी स्कूल के तीन से नौ वर्ष तक के छात्रों को शिक्षा में प्रोत्साहन देकर उनकी आधारभूत साक्षारता व संख्यात्मक क्षमता में विकास लाना है, क्योंकि हमारे देश में आज भी ऐसे बहुत से छोटे बच्चे हैं जो विद्यालय तो जाते हैं, परन्तु उनकी बुनियादी ज्ञान अच्छा ना होने से वह शिक्षा में अन्य छात्रों के मुकबले मानसिक क्षमता में पीछे रह जाते हैं, जिसे देखते हुए शिक्षा विभाग द्वारा जारी निपुण भारत योजना के तहत छात्रों को आधार को मजबूत करके उन्हें पढ़ने, लिखने व अंक गणित करने मे कौशल प्रदान कर वांछित क्षमता हासिल करने में सक्षम बनाया जाएगा।

Foundation Literacy (आधारभूत साक्षारता) और Numeracy (संखायात्मकता) के प्रकार

दोस्तों जैसा की हमने बताया की निपुण भारत का मुख्य लक्ष्य छात्रों में आधारभूत साक्षारता और संखायात्मकता का ज्ञान प्रदान करना है। आधारभूत साक्षारता जिसे भविष्य में शिक्षा प्राप्त करने का आधार माना जाता हैं और संखायात्मक जो दैनिक जीवन का समाधान, तर्क करने की क्षमता व मानसिक विकास की क्षमता को बढ़ाता है। इन दोनो के कई प्रकार है जैसे :-

आधारभूत साक्षारतासंखायात्मक
1. Reading Comprehension (सूझ बूझकर पढ़ना)1. नंबर एंड ऑपरेशन ऑन नंबर
2. मौखिक भाषा को विकसित करना (Oral Language)2. पूर्व संख्या अवधारणाएँ (Pre-number concepts)
3. डिकोडिंग 3. मापन (Measurement)
4. ध्वनि यात्मक जागरूकता 4. गणितीय तकनीके
5. लेखन 5. आकार एवं स्थानिक समाज/पैटर्न
6. Reading Fluency (पढ़ने का प्रवाह)6. डाटा हैंडलिंग

निपुण भारत के कार्यन्वयन हेतु जारी बजट

सरकार द्वारा योजना के बेहतर कार्यन्वयन के लिए राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों में 2021-22 में आधारभूत चरण के लिए विभिन्न उपायों को लागू करने हेतु देश भर में समग्र शिक्षा योजना के तहत 2688.18 करोड़ देने के लिए मंजूरी प्रदान करवा दी गई है, जिससे States & UTs में बच्चों को अभिभावकों द्वारा बेहतर शिक्षण प्रदान किया जा सकेगा और निपुण योजना के माध्यम से बच्चों को सक्षम बनाकर उनके भविष्य में आने वाले पाठ्यक्रमों की नीव को मजबूत करके योजना के लक्ष्य को वर्ष 2026-27 तक पूरा किया जाएगा।

NIPUN भारत द्वारा साक्षरता व संखायात्मकता में किए जाने वाले सुधार

निपुण भारत के माध्यम से बच्चों की शिक्षा निति में सुधार लाने व आधारभूत साक्षरता व संखायात्मकता में नए कदम उठाने के लिए किए जाने वाले सुधार की जानकारी कुछ इस प्रकार है।

  • शिक्षकों द्वारा छात्रों की शिक्षा में प्रोत्साहन देना :- अक्सर विद्यालयों में देखा जाता है, की शिक्षकों द्वारा छोटे बच्चों की शिक्षा पर ज्यादा ध्यान ना देकर उन्हें प्रोत्साहित नहीं किया जाता, जिसके लिए यह जरुरी है की शिक्षक छात्रों को सीखने की आयु में जयादा से ज्यादा आधारभूत साक्षरता की शिक्षा के साथ सामाजिक ज्ञान, बेहतर तरीकों से उन्हें पोस्टर, चित्र व ज्यादा से प्रैक्टिकल तरीकों से चीजों को जानने व उनके जानकारी छात्रों को प्रदान कर उनके बारे में समझाने की कोशिश करें, जिससे बच्चे पढ़ाई की और रुची दिखाकर शिक्षा को केवल ऊपर से ना पढ़कर उसे समझें।
  • लर्निंग अस्सेस्मेंट :- लर्निंग अस्सेस्मेंट के माध्यम से बच्चों के सीखने की क्षमता का आंकलन कर विभन्न प्रकार की तकनीकों द्वारा छात्रों की रुची के आधार पर उन्हें प्रोत्साहित कर शिक्षा में बढ़ावा दिया जाता है, इसके लिए छात्रों की समस्या को हल कर उन्हें उनकी क्षमता का आंकलन कर उन्हें उनकी क्षमता अनुसार नई चीजें सीखने में सहयोग दिया जाएगा।
  • विद्यालय मॉडल :- छात्रों को शिक्षा देने के लिए विद्यालय जाना बहुत ही आवश्यक माना जाता है, क्योंकि विद्यालय मे ही जाकर बच्चा को नई-नई बाते, नए वातावरण, शिक्षा, अपने शिक्षकों व सहयोगियों से सीखने का अवसर मिलता है। इसके लिए नेशनल एजुकेशन पॉलिसी द्वारा तैयार किए गए 3 माह के स्कूल मॉड्यूल के माध्यम से छात्रों को ज्यादा से जयादा विद्यालय जाने व शिक्षित होने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

नेशनल मिशन भूमिका व कार्य

National Mission द्वारा मूलभूत शिक्षा पर जोर देकर छात्रों को प्राथमिक शिक्षा प्रदान कर वर्ष 2026-27 तक छात्रों को शिक्षित करना, इसके लिए मिशन की रणनीति व दस्तावेजों को तैयार किया जाएगा साथ ही यहाँ स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग शिक्षा मंत्रालय के रूप में कार्य करेगा साथ ही मिशन निदेशक एवं एजेंसी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय स्तर पर कार्यन्वयन किया जाएगा।

नेशनल मिशन का प्रसाशनिक संचरण :- यह प्रसाशनिक संचरण पाँच स्तर के माध्यम से किया जाता है, जैसे राष्ट्रीय/ नेशनल लेवल, स्टेट लेवल, डिस्ट्रिक्ट, ब्लॉक/क्लस्टर लेवल, स्कूल मैनेजमेंट कमिटी एंड कम्युनिटी पार्टिसिपेशन आदि।

1.National Level Mission इस योजना को राज्य स्तर पर आयोजित किया जाएगा, जिसे स्कूल शिक्षा और साक्षारता विभाग
द्वारा संचालित किया जाएगा, जिसके माध्यम माध्यम से बच्चों को लर्निंग गैप्स, अस्सेस्मेंट, लर्निंग स्ट्रेटेजी डॉक्युमनेट्स बनाने, लर्निंग मैट्रिक्स तैयार करने आदि का कार्य किया जाएगा।
2. State Level Mission इस योजना का संचालन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया जाता है, इसके लिए स्टेट रिपेयरिंग कमिटी का गठन कर राज्य स्तर पर कार्यन्वयन राज्य के सेक्रेटरी द्वारा हेड किया जाएगा।
3. District Mission इस योजना का संसचालन डिस्ट्रिकट लेवल पर डिप्टी मजिस्ट्रेट और डिप्टी कमिश्नर द्वारा किया जाएगा। जिला स्तर पर इस योजना को तैयार के लिए योजना शुरू की जाएगी, जिसके अंतर्गत जिला शिक्षा ऑफिसर, कमिटी के सदस्य सीईओ, डिस्ट्रिक्ट अफसर ऑफ़ हेल्थ आदि सदस्य बनाए जाते हैं।
4. Block Cluster Mission ब्लॉक/क्लस्टर लेवल मिशन का कार्यन्वयन ब्लॉक स्तर पर किया जाता है, जिसमे योजना का संचालन व इसकी निगरानी एजुकेशन ऑफिसर और ब्लॉक रिसोर्सेज पर्सन द्वारा किया जाता है।
5. Shool Managment Committie & Community Participationइस योजना का संचालन स्कूल एवं कम्युनिटी लेवल पर किया जाएगा, इस मिशन के माध्यम से देश भर में शिक्षा अभियान को लेकर जागरूकता फैलाई जाएगा, जिसमे स्कूल मैनेजमेंट शिक्षकों और अभिभावकों द्वारा योगदान दिया जाएगा, और बच्चों की शिक्षा में सुधार लाने के लिए नागरिकों को जागरूक किया जा सकेगा।

फाउंडेशन लिटेरेसी एन्ड न्युमररेसी की आवश्यकता

  • छात्रों के मानसिक विकास हेतु आधारभूत साक्षारता और संखायात्मकता की क्षमता का कौशल छात्रों में होना चाहिए।
  • छात्रों के बुनियादी ज्ञान के लिए यह आवश्यक है की छात्र को लिखना, पढ़ना व अंक गणना करना आना चाहिए।
  • बच्चों की 6 वर्ष की आयु में 85% तक मस्तिष्क का विकास हो जाता है, इसलिए इसी समय में छात्रों को फाउंडेशन लिटेरेसी एन्ड न्युमररेसीका का कौशल प्रदान करना चाहिए।
  • सिखने की सही उम्र में यदि बच्चों के समझने की क्षमता व नीव को मजबूत बनाया जाता है, तो भविष्य में वह बिना किसी समस्या के ज्ञान प्राप्त करने में सक्षम हो सकता है।

NIPUN Bharat के हितधारकों की सूची

1. CBSE (सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन)
2. सेंट्रल स्कूल आर्गेनाइजेशन
3. राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश (States & UTs)
4. स्टेट काउंसिल ऑफ़ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग
5. नेशनल काउंसिल ऑफ़ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग
6. मुख्य शिक्षक (Head Teacher)
7. कम्युनिटी एवं पैरेंट
8. डिस्ट्रिक्ट इंस्टिट्यूट ऑफ़ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग
9. ब्लॉक रिसर्च सेंटर तथा क्लस्टर रिसोर्सेज सेंटर
10. डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर एवं ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर
11. सिविल सोसाइटी आर्गेनाइजेशन
12. प्राइवेट स्कूल
13. गैर सरकारी संगठन (Non Government Organization)

बेसिक न्युमेरसी एवं मैथ्स स्किल्स की आवश्यकता

गणित के प्रश्नों व मूलभूत संख्यामक कौशल का विकास छात्रों में तभी देखा जा सकता है जब छात्रों को दैनिक जीवन में समस्याओं का समाधान करने व तर्क करने की क्षमता उत्पन्न हो सके इसके लिए उनमें किस तरह गणित कौशल व मूलभूत संख्यामक का विकास किया जा सकेगा व इसकी उन्हें और भी क्या महत्त्वपूर्ण आवश्यकता होगी, इसकी जानकारी कुछ इस प्रकार है।

  • बेसिक न्यूमरेसी एवं मैथ्स स्किल्स डेवलपमेंट के लिए छात्रों को संख्या की तुलना, मात्राओं का ज्ञान, मात्राओं का प्रतिनिधित्व करने वाली प्रतियों का इस्तेमाल, छोटी बड़ी संख्या में फर्क करना आना चाहिए,
  • छात्रों को रोजमर्ररा की जिंदगी में संख्याओं व तर्किक सोच का विकास इसलिए होने की आवश्यकता है, जिससे छात्र दैनिक जीवन में होने वाले कार्यों में भी इनका उपयोग बिना किसी समस्या के कर सकें।
  • माप तोल एवं स्थानिक समझ भी छात्रों के लिए महत्त्वूर्ण है, जिससे वह किसी भी वास्तु के आकर में फर्क करने व उसका उपयोग करने की सफल हो सकें।

स्कूल आधारित आंकलन क्या है ?

स्कूल आधारित आंकलन वह आंकलन है, जो शिक्षकों द्वारा छात्रों को उनके परिणामों का मूल्यांकन करने के आधार पर तैयार किया जाता है, इससे छात्रों की कौशल विकास व उनकी क्षमता का पता लगाया जाता है, की वह छात्र आने वाले पाठ्यक्रमों में जाने लायक है या नहीं, और यदि उसे और मेहनत की आवश्यकता है, तो उसे उसके अंकों के अनुसार उसी कक्षा में रखकर उसे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित व उसे बेहतर तरीके से और ज्ञान प्रदान किया जाता है, यह स्कूल बेस्ड अस्सेस्मेंट साल में एक बार आयोजित करवाया जाता है, जिसके कुछ मुख्य तथ्य कुछ इस प्रकार हैं।

  • इस स्कूल आधारित आंकलन को करवाने का मुख्य लक्ष्य बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास करना।
  • बच्चों को प्रभावी संचार यानी (Effective Communicator) बनाने में सहयोग देना।
  • छात्रों के लिए इन्वॉल्व लर्निंग लाना
  • मौखिक व गैर मौखिक संचार का महत्त्व समझाना
  • प्रश्न बैंक का विकास करना
  • भाषा एवं मूलभूत साक्षारता के लिए उपयुक्त प्रदर्शन
  • विभिन्न प्रकार के टास्क व प्रोजेक्ट्स देना
  • कहानियों व भौतिक वातावरण से उन्हें नई चीजों की जानकारी देना।
  • सामाजिक एवं भावनात्मक प्रगति पर ध्यान देना।

NIPUN Bharat के अहम हितधारक

  • रिसर्च इवैलुएशन & डॉक्यूमेंटेशन की आवश्यकता :- निपुण भारत के अंतर्गत रिसर्च इवैलुएशन & डॉक्यूमेंटेशन का होना आवश्यक है यह विभिन्न स्तरों जैसे (नेशनल, स्टेट, डिस्ट्रिक्ट, ब्लॉक) पर बहुत सी तकनीकों जैसे Process, Impact Evolution द्वारा कार्य किया जाता है, इससे यह पता चलता है की मूल्यांकन के लिए उठाए गए कदमों से कितने हद तक सफलता प्राप्त हो सकी है, छात्रों की शिक्षा में कितना सुधार देखने को मिला है, साथ ही इसमें दस्तावेजीकरण की भी आवश्यकता होती है।
  • एससीईआरटीस तथा DIETs के द्वारा शैक्षणिक सहायता के लिए मुख्य भूमिका :- आधारभूत साक्षारता और संखायात्मकता के लिए SCERTs औDIETs दोनो ही अहम भूमिका निभाने का कार्य करते हैं, जिसमे DIETs का रोल एक अकादमिक का विकास कर FLN के लिए एक टीचर ट्रेनिंग मॉड्यूल की स्थापना करना है, जिसमें छात्रों की शिक्षा के लिए सभी तरह के लर्निंग मटेरियल उपलब्ध करवाना है, इसके लिए SCERTs में स्टेट, डिस्ट्रिक्ट, व सब डिस्ट्रिकट लेवल पर DIETs और अन्य संस्थानों के साथ मिलकर स्कूलों व शिक्षकों की आयश्यकताओं को पूरा कर समन्वित भूमिका निभाने का कार्य करती है।
  • परिवार के अभिभावकों के साथ-साथ सामुदायिक जुड़ाव :- FLN के तहत बच्चों को विद्यालय के अलावा शिक्षा के लिए एक बेहतर वातावरण उनके घर में भी प्राप्त हो सके, स्कूल शिक्षा के साथ-साथ बच्चे की शिक्षा पर माता-पिता व समुदाय द्वारा भी नई चीजें सिखने को मिल सके और बच्चों का बेहतर विकास हो सके इसके लिए अभिभाकों को स्कूल द्वारा आयोजित कार्यक्रमों द्वारा उन्हें पैरेंट-टीचर मीटिंग के माध्यम से उनके बच्चों की रिपोर्ट ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों ही माध्यम से प्रदान की जाएगी, साथ ही बच्चों की शिक्षा में कैसे ध्यान दिया जा सकेगा इसकी भी जानकारी अभिभावकों को प्रदान की जाएगी।
  • DEOs & CEOs की मुख्य भूमिका :- (DEOs & CEOs) डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर और चीफ ऑफिसर की जिला व ब्लॉक स्तर के रूप में एक अहम भूमिका होती है, इनका कार्य FLN यानी आधारभूत साक्षारता और संखायात्मकता को बढ़ावा देने के साथ-साथ अपने अधिकारी क्षेत्र व स्कूलो का निरक्षण कर यह भी जाँचना होता है की बच्चों को योजना के तहत मुफ्त पाठ्यक्रम, वर्दी, शिक्षा समग्र सही मात्रा में प्राप्त हो सके।

निपुण भारत योजना से जुड़े प्रश्न/उत्तर

NIPUN Bharat का पूरा नाम क्या है ?

निपुण भारत योजना का पूरा नाम National Initiative For Proficiency in Reading with Understanding & Numeracy है।

NIPUN Bharat को आरम्भ करने का मुख्य उद्देश्य क्या है ?

इस योजना को आरम्भ करने का मुख्य उद्देश्य प्री-स्कूल (ग्रेड-3) के 4 से 10 वर्ष की आयु छात्रों को आधारभूत साक्षारता और संखायात्मकता ज्ञान प्रदान कर उन्हें लिखना, पढ़ना व अंकगणित करने की क्षमता में वर्ष 2026-2027 तक बढ़ावा देना है।

इस योजना का आरम्भ कब और किसके द्वारा किया गया ?

NIPUN भारत को शिक्षा विभाग द्वारा 5 जुलाई 2021 को आरम्भ किया गया।

इस योजना के माध्यम से बच्चों को क्या लाभ मिल सकेगा ?

इस योजना के माध्यम से छात्रों के मस्तिष्क का विकास हो सकेगा, उनके दैनिक जीवन में तर्क करने, प्रश्नों का जवाब प्राप्त करने, मौखिक संचार करने आदि बहुत से कार्यों द्वारा उनका सम्पूर्ण कौशल को विकसित किया जा सकेगा

NIPUN भारत द्वारा बच्चों में क्षमता निर्माण का कार्य किस तरह से किया जाएगा ?

इस योजना में शिक्षकों द्वारा बच्चों में भाषा व साक्षरता के माध्यम से, प्रारंभिक अंकगणित, शुरूआती वर्षों के परिणाम आंकलन द्वारा, परामर्श के माध्यम से, शिक्षार्थियों के माध्यम से, माता-पिता/अन्य परिवार के सदस्य व सहयोगियों की भूमिका के बढ़ने से।

निपुण भारत के प्रमुख कम्पोनेनेट्स क्या है ?

निपुण भारत के प्रारभिक गणित के चीफ कम्पोनेनट्स डाटा संधारण, गणितय संचार, पैटर्न, मापतोल, नंबर एंड ऑपरेशन ऑन नंबर पैटर्न्स आदि, और मूल भूत भाषा एवं साक्षारता केमौखिक भाषा को विकास, रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन, लेखन, शब्दावली, डिकोडिंग आदि है।

इस योजना के माध्यम से छात्रों के शिक्षा स्तर में क्या-क्या सुधर किए जा सकेंगे ?

इस योजना के माध्यम से छात्रों का मानसिक विकास हो सेकगा, छात्र का बुनियादी ज्ञान मजबूत किया जा सकेगा वह ज्यादा से जयादा चीजों को केवल पढ़कर याद करने के साथ-साथ उसे समझ सके इसके लिए यह जरुरी है की छात्रों को शिक्षकों द्वारा प्रोत्साहनम, स्कूल मॉड्यूल व लर्निंग अस्सेस्मेंट के माध्यम से उनका विकास करने में सहयोग दिया जा सकेगा।

NIPUN Bharat से सम्बंधित सभी जानकारी हमने आपको अपने लेख के माध्यम से प्रदान करवा दी है और हमे उम्मीद है की यह जानकारी आपके लिए बहुत उपयोगी होगी इसके लिए यदि आपको हमारा लेख पसंद आए या इससे संबंधित कोई प्रश्न पूछना हो तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में अपना प्रश्न पूछ सकते हैं, हम आपके प्रश्नों का उत्तर देने की पूरी कोशिश करेंगे।

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