MLC का फुल फॉर्म क्या है ? — MLC full form in Hindi

MLC का फुल फॉर्म :- राजनीति से तो आप सब लोग वाकिब होंगे ही राजनीति के बारे मे तो बच्चा बच्चा जानता है राजनीति सदियों से चली या रही है वर्तमान समय मे भी बहुत तीव्र गति से चल रही है एमएलसी एक तरह से राजनीति का भाग होता है आप सभी ने एमएलसी के बारे मे तो सुना ही होगा एमएलसी काफी चर्चित है क्या है MLC, क्या आप MLC का फुल फॉर्म जानते है MLC क्या है यह इतना चर्चित क्यों है इसकी क्या महत्व है एमएलसी का चुनाव कैसे लड़े एमएलसी बनने के लिए क्या की योग्यता अनिवार्य है आज हम आपको एमएलसी के बारे मे पूरी जानकारी देंगे जिससे आपको अधिक से अधिक जानकारी मिल सके अगर आप भी इस आर्टिकल के बारे मे जानने के इच्छुक है तो आप हमारे साथ आर्टिकल के अंत तक जरूर जुड़े रहे जिससे आपको एमएलसी के बारे मे पूरी जानकारी आसानी से मिल सके।

MLC का फुल फॉर्म क्या है ? — MLC full form in Hindi
MLC का फुल फॉर्म क्या है ? — MLC full form in Hindi

MLC का फुल फॉर्म क्या है ?

राज्यों मे लगभग 6 राज्यों मे विधान परिषद है एमएलसी का पूरा नाम मेम्बर ऑफ लेजिसलेटिव काउंसिल होता है एमएलसी विधान परिषद का सदस्य होता है। MLC का कार्यकाल 6 साल होता है 6 साल के लिए इन्हे एमएलसी के लिए चयनित किया जाता है इस 2 साल मे विधान परिषद के एक तिहाई या कुछ मेम्बर समाप्त हो जाते है MLC के कुछ मेम्बर को राज्यों के राज्यपाल के द्वारा चुना जाता है।

विधान परिषद में हर साल एक तिहाई मेम्बर अपनी पोस्ट से त्याग देते हैं अब यह पर इनके पद पर नया मेम्बर को अपॉइंटेड किया जाता है जब विधानसभा मे किसी उम्मीदवार की मृत्यु हो जाती है या कोई अपनी पोस्ट से त्यागपत्र दे देता है इनके स्थान पर नए सदस्यों को नियुक्त किया जाता है. यदि विधानसभा में किसी की मृत्यु हो जाती है या कोई उमीदवार उस पद से अपना त्यागपत्र दे देता है तो इन परिस्थितियों मे उस पोस्ट को भरने के लिए चुनाव कराए जाते है जिससे जिम्मेदारियों को संभाल जा सके रहेगा जिसके पद पर नया उम्मीदवार चुना जाता है उसका कार्यकाल तब तक रहेगा जितना पुराने उम्मीदवार का कार्यकाल है।

विधान परिषद का गठन कैसे होता है

संविधान  के अनुच्छेद 169 ,171 (1) 171 (2) में विधान परिषद के गठन का प्रावधान है ।विधानसभा मे उपस्थिति मेम्बर पारित प्रस्ताव को संघीय संसद के पास भेजा जाता है उसके बाद लोकसभा राज्य सभा बहुमत से प्रस्ताव पारित करती है राष्ट्रपति के सिग्नेचर के लिए प्रस्ताव भेजना होता है जैसे ही राष्ट्रपति के सिग्नेचर हो जाते है वैसे ही विधानसभा को मंजूरी मिल जाती है।

विधान परिषद (राज्यों के नाम)

विधान परिषद किन किन राज्यों मे है।

  • उत्तरप्रदेश
  • आंध्र प्रदेश
  • तेलंगाना
  • बिहार
  • कर्नाटक
  • महाराष्ट्र

हाल ही मे पश्चिम बंगाल की सरकार ने विधान सभा परिषद की स्थापना का डीसीजन लिया है।

मेम्बर ऑफ लेजिसलेटिव काउंसिल के कार्य

आइये जानते है मेम्बर ऑफ काउंसिल के क्या कार्य है।

  • बिल को स्वीकृत करना, रिजेक्ट करना एमएलसी का कार्य होता है ।
  • विधानमंडल के मेम्बर भी एमएलसी मे इनवॉलवड होते है।
  • विधान परिषद मे जितने भी कार्य होते है सारी जिम्मेदारी एमएलसी की होती है।
  • MLC मंत्री मण्डल मे कानून व्यवस्था को बनाये रखने मे कानून समस्याओ पर डिस्कस एवं अपना ऑफर भी रखती है।

एमएलसी बनने के लिए योग्यता

एमएलसी बनने के लिए क्या क्या योग्यता आवश्यक है आइये जानते है।

  • एमएलसी के लिए आपको भारत का नागरिक होना अनिवार्य है।
  • एमएलसी के लिए आपकी उम्र 30 वर्ष होनी चाहिए।
  • राज्य मे वोटर लिस्ट मे उम्मीदवार का नाम होना चाहिए।
  • मेम्बर ऑफ लेजिसलेटिव काउंसिल बनने के लिए मानसिक रूप से किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए शारीरिक रूप से स्वस्थ होना अनिवार्य है।
  • अगर आप एमएलसी बनना काहते है उम्मीदवार किसी भी गवर्मेंट जॉब मे ना हो ना ही संसद का मेम्बर हो।
  • आप जिस क्षेत्र के एमएलसी बनना चाहते है आपको उस क्षेत्र की निवासी होना आवश्यक है।

एमएलसी बनने के लिए ये सभी योग्यताए होनी अनिवार्य है।

विधान परिषद मेम्बर ऑफ लेजिसलेटिव काउंसिल बनने की प्रक्रिया

आइये जानते है एमएलसी के ईलेक्शन की प्रक्रिया क्या क्या है।

  • एक तिहाई स्थानीय निकायों जैसे नगर पालिका, ग्राम पंचायत, ग्राम सभा पंचायत समितियों और जिला परिषदों के मेम्बर्स के द्वारा सेलेक्ट किए जाते हैं।
  • राज्यपाल के द्वारा उन उम्मीदवारों को चुना जाता जो लोग सोसियल वर्क लिटरेचर साइंस आर्ट मे इन्टरस्ट रखते हो।
  • एमएलसी के लिए एक तिहाई मेम्बर को विधान सभा के मेम्बर के द्वारा सेलेक्ट किया जाता है जो विधान परिषद के मेम्बर न हो।
  • 3 साल पूर्व अध्ययन पूर्ण करने वाले उम्मीदवारों को एमएलसी ईलेक्शन के लिए उनको चयनित किया जाता है।
  • एमएलसी ईलेक्शन के लिए उन लोगों को इनवॉल्व किया जाता है जिन उम्मीदवारों ने स्टेट के अंदर एजुकेशन इन्स्टीट्यूड मे अध्ययन किया हो।
  • नगर पालिका, जिला बोर्ड और अन्य प्रधिकरण के सदस्यों के द्वारा विधान परिषद के कुछ सदस्यों को चुनाव किया जाता है।
  • एक तिहाई स्थानीय निकायों के मेंबरों द्वारा नगर पालिका और डिस्ट्रिक बोर्ड के मेम्बरों द्वारा इनका चुनाव किया जाता है 1/12 मेंबरों को राज्य के टीचर्स द्वारा किया जाता हैं और बाकी 1/12 सदस्यों को गरजुएटेड पास रजिस्टर्ड वॉटर्स द्वारा किया जाता हैं जिसके बाद ही एक एमएलसी सेलेक्ट किया जाता है।

आशा करते है आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी पसंद आयी होगी अगर आप इस आर्टिकल से रिलेटेड कोई भी जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो आप हमे कमेन्ट सेक्शन मे जरूर बताए जिससे आपको अधिक से अधिक जानकारी आसानी से मिल सके।

MLC फुल फॉर्म से संबंधित प्रश्न उत्तर

एमएलसी क्या है ?

एमएलसी विधान परिषद का मेम्बर होता है।

MLC का फुल फार्म क्या है ?

MLC का पूरा नाम मेम्बर ऑफ लेजिसलेटिव काउंसिल होता है।

एमएलसी का कार्यकाल कितना होता है ?

एमएलसी का कार्यकाल 6 वर्ष होता है।

विधान परिषद किन किन राज्यों मे है ?

विधान परिषद 6 राज्यों मे है।

उम्मीदवार बनने के लिए सबसे पहले क्या जरूरी है ?

उम्मीदवार बनने के लिए आपको भारत का नागरिक होना अनिवार्य है।

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