मेरा पानी मेरी विरासत योजना ऑनलाइन आवेदन, Mera Pani Meri Virasat रजिस्ट्रेशन

मेरा पानी मेरी विरासत योजना :- हरियाणा सरकार द्वारा मेरा पानी मेरी विरासत योजना का आरम्भ राज्य के किसानों को धान की खेती की जगह खेतों में ऐसी फसलों की बुआई करने हेतु प्रेरित करने के लिए किया गया है, जिनसे भविष्य में आने वाली पीढ़ी के लिए पानी को सुरक्षित किया जा सकेगा, क्योंकि धान के खेती में किसानों को बुआई के समय अत्यधिक पानी की आवश्यकता अपने खेतों में होती है, जिससे ज्यादा पानी की खपत खेती के लिए इस्तेमाल हेतु की जाती है, जिसे देखते हुए राज्य सरकार किसानों को Mera Pani Meri Virasat Yojana द्वारा उनकी भूमि पर वैकल्पिक फसलों जैसे (मक्का, कपास, सब्जी, अरहर दाल, तिल) आदि की खेती करने पर किसानो को 7,000 रूपये प्रति एकड़ की भूमि पर इन फसलों की खेती हेतु प्रोत्साहन राशि प्रदान करवा रही है।

हरियाणा के वह सभी किसान जो धान की फसल के अतिरिक्त अपने खेत में अन्य फसलों के उत्पादन हेतु सरकार द्वारा जारी योजना का लाभ प्राप्त करना चाहते हैं वह, इस योजना में खुद को पंजीकृत कर इसका लाभ प्राप्त कर सकेंगे। मेरा पानी मेरी विरासत योजना में आवेदन के लिए किसानों को और क्या लाभ प्राप्त हो सकेगा, इसके लिए उन्हें क्या पात्रता व दस्तावेजों की आवश्यकता होगी इससे जुडी सभी जानकारी आवेदक हमारे लेख के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे।

हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना क्या है

दोस्तों जैसा की आप सब जानते हैं की कृषि को प्रोत्साहन देने के लिए हरियाणा सरकार नई नई योजना का आरम्भ करती है, ऐसी ही एक योजना मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर जी द्वारा हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना के माध्यम से राज्य में धान की फसलों की जगह अन्य खेती को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है, जिससे राज्य में धान की बुआई के लिए उपयोग होने वाली ज्यादा पानी की खपत को कम किया जा सकेगा, इसके लिए राज्य के ऐसे 19 ब्लॉक जहाँ भूमि जल की गहराई 40 मीटर तक पाई जाती है, ऐसे सभी ब्लॉक योजना में शामिल किए गए हैं, जिनमे वह आठ ब्लॉक जिनमे धान की खेती सबसे अधिक की जाती है, इन्हे भी निश्चित मात्रा में धान की अलावा अन्य खेती को करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, साथ ही ऐसे क्षेत्र जहाँ पानी की गहराई 35 मीटर तक या इससे कम है वहाँ पंचायती जमीन पर किसानों को धान की खेती करने की अनुमति नहीं दी गई है।

राज्य में पानी की बचत करने व अन्य फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने की बात भी मुख्यमंत्री जी द्वारा योजना की घोषणा के समय की गई थी, जिसमे यह भी कहा गया है चयनित ब्लॉकों में ऐसे आठ राज्य (रतिया, शाहजहानाबाद, इस्माईलाबाद, सरिसा, सीवान,पीपली, बाबैन और गुहला) जहाँ धान की सबसे अधिक खेती की जाती है, उन क्षेत्रों में भी किसानों को योजना के माध्यम से धान की खेती की जगह नए फसलों जैसा मक्का, तिल, दालों के उत्पादन हेतु प्रोत्साहन राशि प्रदान कर खेती के लिए सहयोग दिया जाएगा, जिससे इन फसलों में धान के मुकाबले कम पानी का उपयोग से ज्यादा फसलों का उत्पादन किया जा सकेगा इसके साथ ही Mera Pani Meri Virasat Yojana में उन क्षेत्रों को भी खेती में बदलाव लाने हेतु शामिल किया जाएगा, जिनमे 50 हार्सपावर अधिक ट्यूबवेल का इस्तेमाल जाता है।

Mera Pani Meri Virasat : Details

योजना का नाम मेरा पानी मेरी विरासत योजना
शुरुआत की गई हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर जी द्वारा
विभाग कृषि एवं किसान कल्याण विभाग हरियाणा
साल 2021
योजना श्रेणी राज्य सरकारी योजना
लाभार्थी राज्य के किसान
उद्देश्य किसानों को धान की खेती के अलावा अन्य फसलों
की खेती हेतु प्रेरित करना
आधिकारिक वेबसाइट www.agriharyanaofwm.com

यह भी देखें :- हरियाणा परिवार पहचान पत्र

योजना की विशेषताएँ

हरियाणा सरकार द्वारा योजना से जुडी विशेषताओं की जानकारी कुछ इस प्रकार है।

  • मेरा पानी मेरी विरासत योजना का आरम्भ हरियाणा सरकार द्वारा राज्य में जल संरक्षण को बढ़ावा देने व कम पानी के उपयोग से उत्पादित होने वाली वैकल्पिक फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए किया गया है।
  • योजना के माध्यम से राज्य में धान की फसलों के उत्पादन की जगह मक्का, कपास, तिल, दाल, सब्जी इनके उत्पादन हेतु किसानों को प्रेरित किया जाएगा।
  • राज्य के किसान जो अपने खेतों में नई फसलों का उत्पादन करना चाहते हैं वह सभी योजना के आवेदन कर सरकार द्वारा प्रति एकड़ पर प्रदान की जाने वाली प्रोत्साहन राशि प्राप्त कर सकेंगे।
  • ऐसे क्षेत्र जहाँ पानी की गहराई 35 मीटर से कम है, वहाँ पंचायती क्षेत्र में धान की खेती के लिए अनुमति किसानों को नहीं मिल सकेगी, इसकी जगह वह किसी भी अन्य खेती का उत्पादन अपनी भूमि पर कर सकेंगे।
  • योजना के माध्यम से राज्य के ऐसे क्षेत्र जहाँ 50 हॉर्स पावर के इस्तेमाल से खेतों तक पानी पहुँचाया जाता है, वहाँ जल को सुरक्षित करने हेतु धान के बजाय अन्य खेती को बढ़ावा दिया जा सकेगा।
  • इस योजना में किसानों द्वारा उगाई गई फसलों के बिक्री हेतु सरकार द्वारा उचित मूल्य पर फसल की खरीद कर किसानों को लाभ पहुँचाया जाएगा।
  • सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम भविष्य के लिए जल सुरक्षित करने के साथ-साथ पानी वाले क्षेत्रों में धान की फसलों को बर्बाद होने से भी किसानों को सुरक्षित करने में सहयोग करेगा।

हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना के लाभ

योजना के अंतर्गत आवेदन करने वाले किसानों को ही योजना का लाभ मिल सकेगा, इसके लिए योजना में दिए जाने वाले जानकारी कुछ .

  • इस योजना के अंतर्गत राज्य के सभी किसान लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
  • राज्य के किसान अब आसानी से घर बैठे ही ऑनलाइन माध्यम से कृषि विभाग हरियाणा की आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन कर सकेंगे।
  • वह आवेदक किसान जो अपनी भूमि में धान की जगह मक्का, कपास, तिल, दाल, सब्जी की उत्पादन करना चाहते हैं, वह सभी प्रोत्साहन राशि प्राप्त कर सकेंगे।
  • किसानों को फसलों के उत्पादन के लिए मक्का थ्रेसर, मल्टी क्रॉप प्लांटर आदि उपकरणों के लिए भी 80% तक की सब्सिडी प्राप्त हो सेकगी।
  • योजना के अंतर्गत आवेदक किसानों को 7000 रूपये प्रति एकड़ जमीन में फसलों के उत्पादन हेतु प्राप्त हो सकेंगे।
  • सरकार द्वारा जारी योजना में दी जाने वाली धनराशि आवेदकों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
  • योजना के माध्यम से राज्य में ज्यादा से ज्यादा जल संरक्षण पर जोर दिया जाएगा, जिससे कम जल के इस्तेमाल से उपजने वाली फसलों को बढ़ावा दिया जा सकेगा।
  • किसान योजना में दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि से अपनी नई फसल के उत्पादन हेतु बीज व उसे सुरक्षित करने के लिए खाद्य, कीटनाशक आदि की खरीद कर सकेंगे।

योजना हेतु दस्तावेज

योजना में आवेदन के लिए इस्तेमाल होने वाले सभी दस्तावेज आवेदक किसान के पास होने आवश्यक है, जिसकी जानकारी वह यहाँ से प्राप्त कर सकते हैं।

1. आवेदक का पहचान पत्र (वोटर आईडी, आधार कार्ड) 4. पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ
2. निवास प्रमाण पत्र 5. मोबाइल नंबर
3. कृषि भूमि के दस्तावेज 6. बैंक की पासबुक
Mera Pani Meri Virasat Yojana की पात्रता

योजना के अंतर्गत आवेदन हेतु आवेदक किसानों की कुछ पात्रता निर्धारित की गई है जिन्हे पूरा करने वाले किसान योजना में आवेदन कर इसका लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

  • आवेदक किसान हरियाणा के स्थाई निवासी होने चाहिए।
  • किसान के पास अपनी कृषि योग्य भूमि होनी आवश्यक है।
  • वह किसान जो धान की जगह किसी भी अन्य फसल का उत्पादन अपनी भूमि में करना चाहते हैं वह सभी योजना में आवेदन कर सकेंगे।
  • किसानों का बैंक में खता होना आवश्यक है, जो उनके आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए।
  • योजना में आवेदक किसान के पास सभी महत्त्वपूर्ण दस्तावेज होने चाहिए।

Mera Pani Meri Virasat Yojana का उद्देश्य

योजना को आरम्भ करने का मुख्य उद्देश्य राज्य में धान की फसलों की जगह कम पानी माँग वाली वैकल्पिक फसलों के उत्पादन से राज्य में भू जल संरक्षण को बढ़ावा देना हैं, जिससे राज्य भविष्य में भूजल के खत्म होने से रोका जा सकेगा, क्योंकि देशभर में भी ऐसे बहुत से क्षेत्र हैं जहाँ कृषि से जुड़े किसान, धान की फसलों का ज्यादा उत्पादन करते हैं जिसके लिए उन्हें फसलों की रोपाई के लिए अत्यधिक जल की आवश्यकता होती है, जिससे ज्यादा भूजल का इस्तेमाल बहुत समय से किसान अपनी धान की फसलों के बुआई के लिए करते हैं, इसके कारण देशभर में धीरे-धीरे जल संकट उत्पन्न होता जा रहा है, जिसे देखते हुए हरियाणा सरकार अपने राज्य के ऐसे क्षेत्रों में जहाँ अधिक मात्रा में धान की फसल का उगाई जाती है, ऐसे क्षेत्रों में मेरा पानी मेरी विरासत योजना के माध्यम से जल संरक्षण को बनाए रखने के लिए और किसानों की अधिक लाभ देने वाली फसलों के उत्पादन के विकल्प को बढ़ावा देकर किसानों की आय में वृद्धि करने व उन्हें पानी से उपजने वाली फसलों की खेती करने हेतु प्रोत्साहन प्रदान करवा रही है।

मेरा पानी मेरी विरासत योजना में ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया

इस योजना में दिए जाने वाले लाभ को प्राप्त करने के लिए जो किसान अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना चाहते हैं वह यहाँ दी गई प्रक्रिया को फॉलो कर सकते हैं।

  • इसके लिए सबसे पहले आवेदक किसान को किसान कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करना होगा।
  • मेरा-पानी-मेरी-विरासत-योजना
  • अब आपकी स्क्रीन पर होम पेज खुलकर आ जाएगा, जिसमे आपको फसल विविधीकरण के लिए पंजीकरण करें के विकल्प पर क्लिक करना होगा। ऑनलाइन-रजिस्ट्रेशन-हरियाणा
  • अब आपके सामने अगला पेज खुलकर आ जाएगा, जिसमे आपको अपना आधार कार्ड नंबर दर्ज करना होगा।
  • इसके बाद आपको Next के बटन पर क्लिक कर देना होगा।
  • अब आपको किसान विवरण (Farmer Details) भरकर टोटल लैंड होल्डिंग और अपनी फसल की जानकारी दर्ज करनी होगी।
  • सारा विवरण भर लेने के बाद आपको सबमिट के बटन पर क्लिक कर देना होगा।
  • इस तरह आपकी आवेदन प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

पोर्टल पर विभागीय लॉगिन प्रक्रिया

पोर्टल पर विभागीय लॉगिन करने के लिए आवेदक दी गई प्रक्रिया को फॉलो कर सकते हैं।

  • आवेदक को सबसे पहले किसान कल्याण विभाग की की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करना होगा।
  • अब आपकी स्क्रीन पर होम पेज ओपन हो जाएगा, यहाँ आपको विभागीय प्रवेश के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद अगले पेज पर आपके सामने लॉगिन फॉर्म ओपन हो जाएगा, जिसमे आपको अपना यूजर नाम, पासवर्ड और दिए गए कैप्चा कोड को दर्ज करना होगा। विभागीय-लॉगिन
  • अब आपको लॉगिन के विकल्प पर क्लिक करना होगा, इस तरह आप पोर्टल पर लॉगिन कर सकेंगे।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए आवेदन प्रक्रिया

पोर्टल पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के नागरिक भी ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे, इसके लिए वह दी गई प्रक्रिया को पढ़कर आवेदन कर सकते हैं।

  • आवेदक को सबसे पहले किसान कल्याण विभाग की की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करना होगा।
  • अब आपकी स्क्रीन पर होम पेज ओपन हो जाएगा।
  • यहाँ आपको बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लिए विकल्प के ऑप्शन में क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद अगले पेज पर आपके सामने आवेदन फॉर्म खुलकर आ जाएगा। बाढ़-प्रभावित-क्षेत्र-आवेदन-फॉर्म
  • यहाँ आपको फॉर्म में पूछी गई सभी जानकारी जैसे आधार नंबर, सामान्य विवरण, किसान विवरण, अपनी भूमि की जानकारी, फसल की जानकारी आदि दर्ज कर देना होगा।
  • सारी जानकारी भरने के बाद आपको सबमिट के बटन पर क्लिक कर देना होगा।
  • इस तरह आपकी आवेदन प्रक्रिया पूरी ही जाएगी।
Mera Pani Meri Virasat Yojana से जुड़े प्रश्न/उत्तर
मेरा पानी मेरी विरासत योजना का आरम्भ किनके द्वारा किया गया है ?

मेरा पानी मेरी विरासत योजना का आरम्भ हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर जी द्वारा किया गया है।

इस योजना को सरकार द्वारा क्यों आरम्भ किया गया है ?

इस योजना का आरम्भ हरियाणा सरकार द्वारा राज्य में ज्यादा से ज्यादा धान की फसलों की जगह अन्य उन फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किया गया है, जिनके उत्पादन में कम पानी का उपयोग हो सकेगा और जिनके उत्पादन से भू जल को भविष्य के लिए सुरक्षित कर किसानों को लाभ प्रदान किया जा सके।

हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना में आवेदन के लिए इसकी आधिकारिक वेबसाइट क्या है ?

मेरा पानी मेरी विरासत योजना में आवेदन के लिए इसकी आधिकारिक वेबसाइट

यह योजना का लाभ कौन-कौन से नागरिक उठा सकेंगे ?

इस योजना का लाभ राज्य के उन सभी किसानों को मिल सकेगा, जो गेहूँ-धान चक्र खेती की जगह अन्य वैकल्पिक फसलों (मक्का, तिल, दाल, कपास, सब्जी) आदि का उत्पादन करना चाहते हैं।

योजना के माध्यम से किसानों को क्या लाभ प्राप्त होगा ?

Mera Pani Meri Virasat Yojana के माध्यम से आवेदक किसानों को वैकल्पिक खेती के लिए 7000 रूपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि प्राप्त हो सकेगी।

हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना में आवेदन की क्या प्रक्रिया है ?

हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना में आवेदन की प्रक्रिया ऊपर लेख के माध्यम से प्रदान करवा दी गई है, जिसे पढ़कर आप योजना में आवेदन कर सकते हैं।

हेल्पलाइन नंबर

मेरा पानी मेरी विरासत योजना से जुडी कोई भी समस्या या जानकारी प्राप्त करने के लिए आवेदक इसके टोल फ्री नंबर : 1800-180-2117 पर संपर्क करके अपनी समस्या का हल प्राप्त कर सकेंगे।

मेरा पानी मेरी विरासत योजना से संबंधित सभी जानकारी हमने आपको अपने लेख के माध्यम से प्रदान करवा दी है और हमे उम्मीद है की यह जानकारी आपके लिए बहुत उपयोगी होगी इसके लिए यदि आपको हमारा लेख पसंद आए या इससे संबंधित कोई प्रश्न पूछना हो तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में अपना प्रश्न पूछ सकते हैं, हम आपके प्रश्नों का उत्तर देने की पूरी कोशिश करेंगे।

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